उत्तरप्रदेश के कैबिनेट मंत्री आजम खान ने कहा कि प्रदेश के मंत्रियों और विधायकों का प्रतिनिधिमंडल अब अमेरिका दौरे पर नहीं जाएगा।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रमंडल देशों के लिए 20 मई को रवाना होने वाले इस दल के कार्यक्रम में अमेरिका का दौरा भी था, जिसे विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय ने रद्द कर दिया है।
इसके साथ ही आजम ने अमेरिका में रहने वाले भारतीयों से अपील कि है कि वे स्वदेश लौट आएं।
अमेरिका से लौटे आजम खां ने सोमवार को यहां सपा कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अमेरिका एक मुसलमान विरोधी मुल्क है और मुसलमानों को अपमानित करने का ठेका ले रखा है।
बोस्टन एयरपोर्ट पर उन्हें सिर्फ इस बात के लिए अपमानित किया गया कि वह मुस्लिम लीडर हैं और मुसलमानों के हित की बात करते हैं।
आजम ने कहा कि उनके साथ जो कुछ भी हुआ उसके बारे में उन्होंने नेताजी (मुलायम सिंह यादव) से बात नहीं की थी।
नेताजी ने खुद मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह किसी व्यक्ति या पार्टी के नेता नहीं बल्कि पूरे हिंदुस्तान का अपमान है।
इस घटना के बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अमेरिका में अपने सारे कार्यक्रम रद्द कर दिए। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के कार्यक्रम का बहिष्कार करने से नुकसान हमारा नहीं, बल्कि उनका हुआ है।
केंद्रीय विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद की भूमिका के सवाल पर आजम खां ने कहा कि उन्हें नहीं पता है कि वहां उनकी हैसियत क्या है। भाजपा की वरिष्ठ नेता उमा भारती ने भी मामले को लेकर अमेरिका को आड़े हाथों लिया है।
पासपोर्ट लेकर पौन घंटे तक करते रहे मीटिंग
आजम खां ने बताया कि अमेरिका के बोस्टन के लोगान एयरपोर्ट पर अधिकारियों ने उनका पासपोर्ट व अन्य कागजात ले लिया। एयरपोर्ट के अधिकारी लगभग 45 मिनट तक बंद कमरे में मीटिंग करते रहे।
इस दौरान उन्हें बाहर बैठाए रखा गया। शायद अधिकारियों की योजना उन्हें किसी मामले में फंसाने की थी। आजम ने बताया कि जब उन्हें वहां रोका गया तो उन्होंने कहा कि वह मेहमान हैं और उनके पास डिप्लोमेटिक पासपोर्ट है।
24 घंटे पहले ही सपरिवार अमेरिका आने का वीजा दिया गया है। लगभग एक घंटे बाद जब अधिकारी उन्हें पासपोर्ट वापस करने आए तो उन्होंने उसे लेने से इंकार कर दिया। आजम ने बताया कि उन्होंने जब अमेरिकी अफसरों से रोके जाने की वजह पूछी तो उनके पास कोई संतोषजनक जवाब नहीं था।
कैदियों की हिफाजत नहीं कर सकते तो छोड़ दें
सरबजीत मामले में आजम खां ने कहा कि अगर पाकिस्तान कैदियों की जेल में हिफाजत नहीं कर सकता है तो उनको छोड़ दे।
वह पाकिस्तान से यह कहना चाहता हैं कि कैदियों के साथ कैसा सलूक किया जाता है, इस बारे में कुरान शरीफ में बताया गया है। पाकिस्तान उस पर ही अमल करे।
चीन के सैनिकों की भारतीय सीमा में घुसपैठ पर उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं हुआ है। केंद्र सरकार का इस गंभीर मामले पर रवैया बहुत ढीलाढाला है। लोकसभा में नेता जी (मुलायम सिंह यादव) ने इस मुद्दे को उठाया है।