परीक्षा नियामक प्राधिकारी ने 27 और 28 जून को आयोजित होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
प्रदेश में 872 परीक्षा केंद्रों पर टीईटी होगी और इसमें 7,65,634 शामिल होंगे।
इस बार खास बात यह होगी कि टीईटी आंसर शीट का दो बार मूल्यांकन कराया जाएगा, ताकि गड़बड़ी की संभावना न के बराबर रहे।
सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी नीना श्रीवास्तव ने इस संबंध में प्रदेश के सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को निर्देश भेज दिया है। उन्होंने कहा है कि बुधवार की शाम तक परीक्षा तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया जाए।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने के बाद कक्षा 8 तक के स्कूलों में शिक्षक रखने के लिए टीईटी अनिवार्य कर दी गई है। उत्तर प्रदेश में पहली बार नवंबर 2011 में टीईटी आयोजित कराई गई थी।
इसके बाद दूसरे बार 27 और 28 जून को आयोजित कराई जाएगी। पहली बार टीईटी में धांधली की शिकायत पर तत्कालीन माध्यमिक शिक्षा निदेशक संजय मोहन को गिरफ्तार कर लिया गया था।
इसलिए इस बार टीईटी में कोई चूक न रह जाए, इसके पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। टीईटी के लिए पूरे प्रदेश में परीक्षा केंद्रों का निर्धारण किया जा चुका है।
पहले दिन यानी 27 जून को प्राइमरी कक्षाओं के लिए टीईटी आयोजित की जाएगी। पहले दिन पहली पाली के लिए 175 केंद्र बनाए गए हैं और इसमें 100838 परीक्षार्थी बैठेंगे।
दूसरी पाली के लिए 77 केंद्र बनाए गए हैं और इसमें 16923 परीक्षार्थी शामिल होंगे। दूसरे दिन यानी 28 जून को उच्च प्राथमिक कक्षाओं के लिए टीईटी आयोजित की जाएगी।
पहली पाली के लिए 872 केंद्र बनाए गए हैं और इसमें 545910 परीक्षार्थी बैठेंगे। दूसरी पाली के लिए 170 केंद्र बनाए गए हैं और इसमें 99963 परीक्षार्थी बैठेंगे।
मजिस्ट्रेट की निगरानी में आएगी कापी
यूपी बोर्ड की तर्ज पर इस बार मजिस्ट्रेट और जिला विद्यालय निरीक्षक की निगरानी में ट्रेजरी से टीईटी की कापी परीक्षा केंद्रों पर पहुंचाई जाएगी।
परीक्षा समाप्त होने के बाद इन्हीं दोनों अधिकारियों की निगरानी में इसे ट्रेजरी में जमा कराया जाएगा।
दोनों दिन की टीईटी होने के बाद संबंधित जिले का मजिस्ट्रेट और जिला विद्यालय निरीक्षक इसे इलाहाबाद सुरक्षित लेकर जाएंगे, ताकि इसमें किसी तरह की कोई गड़बड़ी की संभावना न रहे।
केंद्रों पर परीक्षार्थियों पर नजर रखने के लिए ईमानदार छवि वाले केंद्र व्यवस्थापक बनाने और कक्ष निरीक्षक लगाने की हिदायत दी गई है। परीक्षा के दौरान केंद्र के अंदर किसी दूसरे व्यक्ति को जाने की इजाजत नहीं होगी।