शारजाह में आठ दिनों तक हिरासत में रहे नबीर-ए-आला हजरत मौलाना तौसीफ रजा खां को रविवार को रिहाई मिल गई। पिछले शनिवार को शारजाह की एक चेकपोस्ट पर चेकिंग के दौरान बगैर मेडिकल प्रिसक्रिप्शन के कुछ नशीली दवाएं बरामद होने के बाद तौसीफ मियां को हिरासत में ले लिया गया था।
इसके बाद तौसीफ मियां के परिवार वालों ने केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार की मदद मांगी थी। संतोष गंगवार की मदद से केंद्रीय स्वास्थ्य और विदेश मंत्रालय से जरूरी कागज सत्यापित कराकर शारजाह की अदालत में दाखिल किए गए तब कहीं तौसीफ मियां की रिहाई हो पाई।
तौसीफ मियां पिछले दिनों यूएई के दौरे पर गए थे। 20 अक्तूबर को अबुधाबी से शारजाह आते वक्त एक चेकपोस्ट पर उनके पास कुछ नशीली दवाएं मिलीं। शारजाह पुलिस ने इसका मेडिकल प्रिसक्रिप्शन मांगा जो तौसीफ मियां के पास नहीं था। अगले दिन बरेली से परिवार वालों ने मेडिकल प्रिसक्रिप्शन व्हाट्सअप पर भेजा, लेकिन शारजाह प्रशासन ने उसे अमान्य करते हुए भारत सरकार के स्वास्थ्य, विदेश मंत्रालय और भारत स्थित यूएई दूतावास से प्रमाणित मेडिकल प्रिसक्रिप्शन की मांग की।
इसके बाद तौसीफ मियां के बेटे फैज रजा खां, भतीजे इकान रजा खां और डॉ. नफीस खां ने केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार से मदद मांगी। संतोष गंगवार की मदद से दोनों मंत्रालयों के साथ यूएई दूतावास से भी जरूरी औपचारिकताएं पूरी कराई गई। इसके बाद ये सारे कागजात लेकर बृहस्पतिवार को अबुधाबी पहुंचे फैज रजा ने मुख्य न्यायाधीश की अदालत में दाखिल किए।