भले ही कोई कहे कि पुलिस पब्लिक फ्रेंडली होती है लेकिन एकबारगी इस पर यकीन करना मुश्किल होता है। असल में कल हुई इस घटना ने एक बार फिर पुलिस महकमे को शर्मसार कर दिया है।
आजमगढ़ जा रही कैफियत एक्सप्रेस (12225) की एसी तीसरी बोगी में बिना टिकट सवार हुए उप्र. पुलिस के बर्खास्त दरोगा को यात्रियों ने पीट दिया। यात्रियों ने उस पर सामान चोरी करने का आरोप लगाया।
तो पूरा मामला यह था
दिल्ली-आजमगढ़ कैफियत एक्सप्रेस शनिवार सुबह 4:30 बजे लखनऊ जंक्शन से छूटी थी। इसकी एसी तृतीय बोगी बी-दो की सीट संख्या 68 और 69 पर नई दिल्ली निवासी वेद प्रकाश दुबे फैजाबाद जा रहे थे।
इस दौरान बर्खास्त दरोगा राजेंद्र कुमार शुक्ल भी चढ़ गया। ट्रेन के बादशाहनगर पहुंचने से पहले वेद प्रकाश के सिर के नीचे रखे बैग को राजेंद्र ने हटा दिया।
फर्जी पहचानपत्र दिखाया
आंख खुलते ही वेद प्रकाश ने बैग चोरी होने की बात कही। इससे अन्य यात्रियों ने राजेंद्र को पकड़ लिया। पूछने पर उसने पहचानपत्र निकालकर बताया कि सामान की जांच कर रहा था।
यात्रियों ने यकीन नहीं किया और आनन-फानन में उन्होंने दरोगा को पीटना शुरू कर दिया। दरोगा की जमकर पिटाई करने के बाद कोच कंडक्टर को सौंपा। बाद में बाराबंकी जीआरपी ने उसे जेल भेज दिया।
छह महीने पहले हुआ था बर्खास्त
लखनऊ जीआरपी ने बाराबंकी जाकर राजेंद्र कुमार से पूछताछ की। जहां उसे पता चला कि कानपुर रोड स्थित एलडीए कॉलोनी का जी ब्लॉक निवासी राजेंद्र कुमार शुक्ल 2001 बैच में पुलिस में भर्ती हुआ था।
कानपुर में साल 2011 में टीएसआई के पद पर तैनाती के दौरान उस पर थाना चकेरी में मामले में जेल भी भेजा गया था।
छह माह पहले ही राजेंद्र कुमार शुक्ल बर्खास्त कर दिया गया। वहीं, राजेंद्र का कहना, कि वह सिफारिश के लिए गोंडा जा रहा था। टिकट नहीं था और पहचान पत्र विभाग को वापस नहीं किया।