सुल्तानपुर। तीन दिन पूर्व मारपीट में घायल एक युवक की उपचार के दौरान बुधवार की सुबह शहर के एक निजी अस्पताल में मौत हो गई। मौत से नाराज परिवारीजनों ने पोस्टमार्टम के बाद सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिवारीजनों का आरोप था कि घटना के बाद से नगर कोतवाली पुलिस आरोपियों को बचाने का काम कर रही है। हालांकि पुलिस ने मारपीट में शामिल मां और बेटे को गिरफ्तार कर लिया। देर शाम पुलिस अधिकारियों के समझाने-बुझाने पर लोग शांत हुए।
कोतवाली नगर क्षेत्र के चुनहा निवासी झरी पुत्र घीसन और राजेश के बीच 13 मार्च को विवाद के बाद मारपीट हुई थी। आरोप है कि झरी, शिव व इंद्रमती ने राजेश और उसके पिता रोगही को लाठी-डंडे और धारदार हथियार से हमलाकर मरणासन्न कर दिया था। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां हालत नाजुक होने पर चिकित्सकों ने राजेश को रेफर कर दिया था।
परिवारीजन राजेश को शहर के ही एक निजी अस्पताल में भर्ती कराकर उपचार करा रहे थे। बुधवार की सुबह उपचार के दौरान राजेश की मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद परिवारीजन शव लेकर चुनहा गांव के समीप कुड़वार मार्ग पर पहुंचे और सड़क पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
जाम और प्रदर्शन की सूचना मिलते ही यूपी 112 के साथ ही कोतवाली पुलिस पहुंच गई। परिवारीजनों की मांग थी कि घटना में शामिल आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए। पुलिस ने परिवारीजनों को बताया कि घटना में नामजद झरी पुत्र घीसन निषाद और इंद्रमती पत्नी घीसन निषाद निवासीगण चुनहा देहात करौंदिया थाना कोतवाली नगर को गिरफ्तार कर लिया गया है। तब जाकर परिवारीजनों का गुस्सा कुछ शांत हुआ।