सुल्तानपुर। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा सांसद मेनका गांधी ने मंगलवार को ग्राम प्रधानों को अपनी ग्राम पंचायतों के भूमि विवाद निपटाने के लिए चार माह का समय दिया है। इसके लिए उन्होंने लेखपाल, पुलिस व राजस्व निरीक्षक को भेजवा कर विवाद निपटारे में सहयोग देने का आश्वासन दिया है।
पांच ब्लॉकों में आयोजित सम्मेलन में सांसद ने ग्राम प्रधानों को सलाह देते हुए कहा कि 10 से कम या शून्य विवाद वाली पंचायतों के प्रधान को वे पुरस्कृत करेंगी।
सांसद ने सम्मेलन में प्रधानों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें अपनी ग्राम पंचायतों में 200 फलदार पौधे रोपित करने व तालाबों की स्वच्छता पर भी ध्यान देने की सलाह दी। तालाब की जलकुंभी से अच्छी जैविक खाद बनने की भी जानकारी दी।
बताया कि इस खाद को डालने से 20 फीसदी तक पैदावार बढ़ती है। पंचायतराज विभाग की ओर से कलस्टर बनाकर पंचायत सचिवों की तैनाती किए जाने का कदम अच्छा बताया। कहा कि इसके बाद भी यदि कोई सेक्रेटरी अपनी ग्राम पंचायत में नहीं पहुंचता को इसकी जानकारी दें।
इस पर कड़ी कार्रवाई कराई जाएगी। पंचायत सहायकों की शुरू नियुक्ति से करीब नौ सौ से अधिक युवाओं को गांव में ही रोजगार मिल जाएगा। ग्रामणों को सभी प्रमाण पत्र, खसरा व खतौनी गांव के पंचायत सचिवालय में मिल जाएंगे।
ग्रामीणों को शहर व तहसील नहीं जाना पड़ेगा। सांसद ने सम्मेलन में ग्रामीणों को भीम बांस, मेहंदी व काला चावल की खेती करके आत्मनिर्भर बनने का सुझाव दिया। बताया कि चंदौली में मेरी सलाह पर किसान काफी आत्मनिर्भर हो चुके हैं। धनपतगंज क्षेत्र में बंद रोडवेज बसों का संचालन जल्द शुरू कराने का भी आश्वासन दिया।
दूबेपुर, कुड़वार, कूरेभार, धनपतगंज व बल्दीराय में प्रधानों के सम्मेलन में हिस्सा लेेने के बाद वे सड़क मार्ग से दिल्ली वापस हो गईं। इसके पहले सुबह आवास पर सांसद ने लोगों की जनसमस्याओं को सुनकर संबंधित अधिकारियों को निस्तारण का निर्देश दिया।
इस मौके पर सहकारिता प्रकोष्ठ के सह प्रदेश संयोजक रामचंद्र मिश्र, क्षेत्र उपाध्यक्ष संतबक्श सिंह, महिला मोर्चा की क्षेत्रीय महामंत्री बबिता तिवारी, प्रतिनिधि रणजीत कुमार, श्याम बहादुर पांडेय, ब्लॉक शिवकुमार सिंह, विजय सिंह रघुवंशी आदि मौजूद रहे।