लंभुआ (सुल्तानपुर)। लंभुआ तहसील क्षेत्र के दो गांवों में 20 दिन के भीतर सर्दी, खांसी, जुकाम और बुखार से पीड़ित 38 लोगों की मौत से हड़कंप मचा हुआ है।
तातोमुरैनी गांव की आबादी करीब 15 हजार जबकि मलाक दोष पट्टी की पांच हजार है। दोनों गांवों में अधिकतर परिवार के लोग खाड़ी देश या महानगरों में रोजगार से जुड़े हैं। अल्पसंख्यक बाहुल्य दोनों गांवों में पंचायत चुनाव के दौरान खासी संख्या में लोग परदेस से पहुंचे थे।
मृतकों में गांव के ही मास्टर उस्मान खां, हयात खां, अली अहमद, डॉ. मंजूर, जरीना बेगम, शाकिर खान, हफीज मास्टर, मूसा पठान, अब्बास खां, मिट्ठू लाल, नियामत खां, रशीद खान, नगीना, रेशमा, बाबूलाल, जफरून निशा, लाल मोहम्मद, अखलाक, बदरुद्दीन समेत 38 लोग शामिल हैं।
हलका लेखपाल विजय नारायण तिवारी ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि मरने वालों में अधिकतर 60 से 70 वर्ष के बीच थे। मरने वाले लोगों को दफना दिया गया है। मौतों की वजह साफ नहीं है।
खंड विकास अधिकारी डॉ. संतोष कुमार गुप्ता ने बताया कि गांव स्तर पर निगरानी समितियों का गठन किया गया है।
जो गांव में बीमार लोगों पर नजर बनाए हुए हैं। दवाओं के छिड़काव व साफ-सफाई तथा सैनिटाइजेशन के लिए जिले से रोस्टर जारी हुआ है। लिहाजा, दोनों गांवों में साफ सफाई, दवाओं का छिड़काव तथा सैनिटाइजेशन का काम किया जाएगा।
30 अप्रैल के बाद गांव नहीं आई स्वास्थ्य टीम : प्रधान
लंभुआ। तातोमुरैनी गांव के प्रधान सईद खां ने बताया कि 28 अप्रैल को एसडीएम लंभुआ राम अवतार को फोन से गांव में बीमारी फैलने के साथ ही मौतों की सूचना दी थी। मरने वाले लोगों में कोविड-19 के लक्षण थे।
एसडीएम की पहल पर गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम, फायर विभाग और पुलिस 30 अप्रैल को पहुंची थी। काफी समझाने के बाद 15 लोगों ने सैंपल दिया और बाकी ने रमजान व अन्य कारणों से सैंपल व टीकाकरण से मना कर दिया था। 30 अप्रैल के बाद से गांव में स्वास्थ्य विभाग की कोई टीम नहीं पहुंची है।
कोविड-19 के लक्षण नहीं मिला : एसडीएम
लंभुआ। एसडीएम लंभुआ राम औतार ने बताया कि गांव से सूचना आने पर इस मामले में चिकित्सा अधीक्षक से बात करके एक टीम गांव भेजी गई। टीम में स्वास्थ्य विभाग के साथ ही सैनिटाइजेशन के लिए फायर विभाग व पुलिस कर्मी भी शामिल थे।
गांव के लोग सैंपल व टीकाकरण के लिए मना कर रहे थे। उन्हें किसी तरह समझा-बुझाकर कुछ लोगों का सैंपल लिया गया था। गांव में लोगों को एक बार फिर समझा बुझाकर जांच और वैक्सीनेशन के लिए तैयार किया जा रहा है। ग्रामीणों से बात करने पर पता चला कि जिन लोगों की मौतें हुई हैं, उनमें कोविड-19 के लक्षण नहीं थे।
धर्मगुरुओं के साथ गांव जाएगी स्वास्थ्य टीम : सीएमओ
सुल्तानपुर। सीएमओ डॉ. डीके त्रिपाठी ने बताया कि सीएचसी अधीक्षक लंभुआ ने तातोमुरैनी और मलाकदोष पट्टी गांव में दो बार स्वास्थ्य कर्मियों की टीमें जांच और सैंपल लेने के लिए भेजा था। स्वास्थ्य टीम से हाथापाई की कोशिश की गई।
लोग कुछ भी समझने को तैयार नहीं हैं। ऐसी हालत में सीएचसी अधीक्षक को निर्देश दिया है कि फिर गांव स्वास्थ्य टीम के साथ जाएं और गांव के वरिष्ठ नागरिक/ धर्मगुरु और मौलाना को साथ लें और लोगों को वैक्सीनेशन के प्रति जागरूक करें और कोविड-19 की जांच कराएं। गांव में कई मौतों की जानकारी है लेकिन सैंपल नहीं देने की वजह से मौत के कारणों का पता नहीं है।
ग्रामीणों ने उठाए सवाल
लंभुआ। तातोमुरैनी गांव के गुफरान खां ने बताया कि गांव में एक के बाद एक लोगों ने सांस फूलने और बुखार से दम तोड़ दिया। गांव में रमजान के दौरान स्वास्थ्य टीम एक बार आई थी। चूंकि रमजान चल रहा था, लिहाजा किसी ने जांच नहीं कराई।
इसी गांव के संजय ने बताया कि सांस फूलने और कुछ अन्य बीमारियों से लोगों की मौतें हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सूचना के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की टीम नहीं पहुंची।
इमरान खां कहते हैं कि लोगों को तेज बुखार व सांस फूलने से परेशानी हुई। सही समय पर उपचार न मिलने से मौत हो गई। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम मात्र एक बार गांव आई थी। सलमान खां ने बताया कि सांस फूलने और बुखार से लोगों की मौतें हुई हैं।