कुड़वार नाका क्रॉसिंग पर शुक्रवार को बड़ा हादसा टल गया। मालगाड़ी के आगमन की सूचना पर केबिन मैन ने क्रॉसिंग बंद कर दी लेकिन भारी भीड़ से छह वाहन और सैकड़ा भर राहगीर क्रॉसिंग के बीचो-बीच फंस गए। इसी जाम में मालगाड़ी आती देख लोगों में अफरातफरी मच गई। अगल-बगल हटने की कोई गुंजाइश न देख आरपीएफ और रेलकर्मियों ने किसी तरह लोगों को संबंधित ट्रैक से हटाकर मालगाड़ी को आगे बढ़ाया। मालगाड़ी के सकुशल आगे बढ़ने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
शहर की दो प्रमुख क्रॉसिंगों पर पटरियां बिछाने का काम पिछले छह दिनों से चल रहा है। काफी धीमी गति से चल रहे कार्य के चलते रोड ब्लॉक की अवधि निरंतर बढ़ रही है। इन मार्गों से आवागमन करने वाली तकरीबन तीन लाख की आबादी भारी परेशानी से गुजर रही है। बृहस्पतिवार को रेल पथ दोहरीकरण के कार्य का निरीक्षण करने आए सीआरएस व डीआरएम ने निर्माण विभाग के अधिकारियों को फटकार भी लगाई थी। फिर भी शुक्रवार को कार्य प्रगति पर नहीं आ सका। उधर, सुल्तानपुर से होकर गुजरने वाली कई ट्रेनों का संचालन शुक्रवार से नियमित हो गया है।
इससे रेल पथ पर भी यातायात का दबाव बढ़ गया। इसी दबाव के बीच शुक्रवार की दोपहर कुड़वार नाका क्रॉसिंग पर बड़ा हादसा टल गया। क्रॉसिंग पर लगे दोनों फाटकों को लोगों की सहूलियत के लिए खोला गया था। क्रॉसिंग के बीचों-बीच भारी भीड़ जमा थी। अचानक एक मालगाड़ी आने का संकेत हो गया। सूचना पर आरपीएफ के जवान मौके पर पहुुंचे। किसी तरह क्रॉसिंग बंद करवाई लेकिन दोनों बैरियर के बीच आधा दर्जन वाहन और सैकड़ा भर लोगों की भीड़ फंस गई। मालगाड़ी आती देख लोगों में अफरातफरी मच गई। अगल-बगल हटने का स्थान न देख आरपीएफ ने किसी तरह मालगाड़ी को रोकवा कर संबंधित ट्रैक को खाली करवाया। तब जाकर मालगाड़ी आगे बढ़ी और लोगों की जान में जान आई।
धीमी गति के कार्य से बढ़ रही मुसीबत
आरपीएफ प्रभारी सीपी मिश्रा ने बताया कि कई लोग क्रॉसिंग के बीचों-बीच फंस गए थे। मालगाड़ी खड़ी हुई तो कुछ लोग उसके नीचे से निकलने लगे। किसी तरह लोगों को सुरक्षित निकाला गया। इंजीनियरिंग विभाग के कार्य की सुस्त गति से काफी समस्या हो रही है। आवश्यक कार्य से निकले लोगों का आवागमन अवरुद्घ करने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों से जल्द कार्य पूरा करने के लिए वार्ता की गई है।