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यूपीडा कराएगी सड़कों की मरम्मत

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सुल्तानपुर। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के निर्माण के दौरान क्षतिग्रस्त हुईं सड़कों की मरम्मत यूपीडा की धनराशि से कराई जाएगी। निर्माण के दौरान जिले में करीब दो दर्जन से अधिक सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इससे आवाजाही में काफी परेशानी होती है। निर्माण के लिए शासन की तरफ से एजेंसी तय की जाएगी।
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करीब चार वर्ष पूर्व शुरू हुए लखनऊ-गाजीपुर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के निर्माण के दौरान जिले की दो दर्जन से अधिक सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इनमें प्रमुख मार्ग समेत कुछ ग्रामीण सड़कें भी शामिल हैं। एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए मिट्टी, गिट्टी व अन्य सामग्रियों की ढुलाई के दौरान ग्रामीण क्षेत्र की सड़कें गड्ढे में तब्दील हो गई हैं। खासकर डंपरों से लगातार मिट्टी ढुलाई किए जाने से टांडा-बांदा हाईवे, लखनऊ-बलिया राजमार्ग समेत कई प्रमुख मार्ग और ग्रामीण सड़कें पूरी तरह टूट गई हैं।
आवाजाही की समस्या को देखते हुए लोक निर्माण विभाग ने कुछ सड़कों को ठीक करवाया है। इसके बाद भी बड़ी संख्या में सड़कें अभी टूटी हैं। इसे देखते हुए शासन ने यूपीडा को टूटी सड़कों की मरम्मत कराने का जिम्मा सौंपा है। अधिकारियों के मुताबिक एक्सप्रेसवे के निर्माण के दौरान टूटीं सड़कों की मरम्मत यूपीडा की धनराशि से कराई जाएगी। हालांकि निर्माण को लेकर अभी तक शासन की ओर से कार्यदायी विभाग का चयन नहीं किया गया है।
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लोक निर्माण विभाग एक्सप्रेसवे के निर्माण के दौरान क्षतिग्रस्त हुईं सड़कों का ब्योरा तैयार करने में जुटा है। शासन के इस कदम से एक्सप्रेसवे के निर्माण के दौरान क्षतिग्रस्त हुईं सड़कों पर आवाजाही सुगम होने के आसार हैं। मुख्य अभियंता अनिल कुमार ने बताया कि निर्माण के दौरान टूटीं सड़कों की मरम्मत यूपीडा की ओर से करवाई जाएगी।
जिले में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का करीब 99 किमी हिस्सा पड़ता है। इस हिस्से के निर्माण के लिए बड़ी मात्रा में मिट्टी की पटाई कराई गई है। पटाई के लिए डंपरों से मिट्टी की ढुलाई के दौरान बल्दीराय तहसील क्षेत्र से कादीपुर तहसील क्षेत्र तक दो दर्जन से अधिक सड़कों का उपयोग हुआ है।
डंपरों के रात-दिन चलने से मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए। इनमें बगियागांव-दियरा, अकोढ़ी-लखैचा, पीढ़ी-बगियागांव, महमूदपुर-चोरमा, गोशैसिंहपुर-बिरसिंहपुर, गोशैसिंहपुर-बनी, जयसिंपुर-करसा, बिरसिंहपुर-मोतिगरपुर, मोतीगंज-सुदनापुर समेत अन्य मार्ग शामिल हैं।
प्रांतीय खंड, पीडब्ल्यूडी के अधिशाषी अभियंता धर्मेंद्र कुमार अहिरवार ने बताया कि एक्सप्रेसवे के निर्माण के दौरान क्षतिग्रस्त हुए मार्गों की मरम्मत यूपीडा की धनराशि से करायी जाएगी। मार्ग का निर्माण कराने के लिए शासन से कार्यदायी संस्था का निर्धारण किया जाएगा। निर्धारण के बाद मार्गों की मरम्मत शुरू हो जाएगी।
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