सुल्तानपुर। स्कूल यूनिफॉर्म, स्वेटर, जूता-मोजा और स्कूल बैग के लिए अभिभावकों के खाते में हो रही डीबीटी में नॉन सीडेड (निष्क्रिय और आधार से लिंकहीन) खाते रोड़ा बन रहे हैं। कुल 2,91,430 में से 1,27,309 को ही डीबीटी की धनराशि मिल पाई है। शेष 1,64,121 बच्चों को अभी तक पैसा नहीं मिला है।
जिले के परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक विद्यालयों, सहायता प्राप्त प्राथमिक व जूनियर हाईस्कूलों, राजकीय माध्यमिक विद्यालयों एवं अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा एक से आठ तक के बच्चों को यूनिफॉर्म, स्वेटर, जूता-मोजा और स्कूल बैग के लिए 1100-1100 रुपये भेजे जाने हैं। जिले में कुल 2,91,430 बच्चे पंजीकृत हैं। पहले चरण में 1,27,309 को डीबीटी के जरिए धनराशि मिल गई है। बड़ी संख्या में ग्रामीण अंचल में मौजूद अभिभावकों के खाते निष्क्रिय पड़े हैं। साथ ही कुछ खाते आधार से लिंक भी नहीं हैं।
इन खातों को नॉन सीडेड अकाउंट की श्रेणी में रखा गया है। बड़ी संख्या में नॉन सीडेड अकाउंट डीबीटी की राह में रोड़ा बने हुए हैं। बार-बार निर्देश के बाद भी खातों की स्थिति में सुधार नहीं आ रहा है। बीएसए दीवान सिंह यादव का कहना है कि जिन अभिभावकों के खाते में लंबे समय से लेनदेन नहीं हुआ है, वे अपने खातों का संचालन शुरू करें। साथ ही जिन अभिभावकों का खाता आधार से लिंक नहीं है, वे जल्द से जल्द खाते को आधार से लिंक कराएं। ताकि डीबीटी की धनराशि खातों में पहुंच सके।
दूसरे चरण में मिले 8118 नॉन सीडेड खाते
जिला समन्वयक एमआईएस धर्मेश गुप्ता ने बताया कि पहले चरण में लगभग एक लाख 46 हजार अभिभावकों का चयन डीबीटी के लिए किया गया था। इसमें लगभग 19 हजार खाते नॉन सीडेड पाए गए थे। दूसरे चरण में डीबीटी के लिए 22,812 अभिभावकों का चयन किया गया है। इसमें 8118 खाते नॉन सीडेड पाए गए हैं। 8118 खातों में से 6981 खाते ऐसे हैं, जो आधार से लिंक नहीं हैं। वहीं 1137 खाते लंबे समय से निष्क्रिय हैं। दूसरे चरण में 22,812 में से सिर्फ 14,694 अभिभावकों के खाते में ही डीबीटी की धनराशि जा सकेगी।