फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sultanpur News: ओपीडी में दो हजार मरीज, इलाज के इंतजार ने थकाया

Mon, 09 Feb 2026 11:55 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
विज्ञापन
महिला विंग में लगी मरीजों की भीड़।
विज्ञापन
सुल्तानपुर। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में सोमवार को डॉक्टर बदहाल व्यवस्था और मरीजों की भारी भीड़ के सामने बेबस नजर आए। छुट्टी के बाद ओपीडी खुलते ही लंबी लाइन लग गईं। परचा बनवाने, डॉक्टर को दिखाने और दवा लेने में मरीजों को तीन घंटे से अधिक समय लग गया। भीड़ के बीच कई मरीज इलाज से पहले ही थककर बैठ गए।
विज्ञापन

पुरुष अस्पताल में करीब 2000 नए मरीजों का पंजीकरण हुआ, जबकि महिला अस्पताल में 750 से अधिक मरीज पहुंचे। पुराने मरीज भी बड़ी संख्या में आए। भीड़ इतनी अधिक रही कि ओपीडी परिसर में खड़े होने तक की जगह कम पड़ गई। बैठने की पर्याप्त व्यवस्था न होने से बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे सीढ़ियों और जमीन पर बैठने को मजबूर दिखे। मेडिकल कॉलेज की नई बिल्डिंग की सीढ़ियों पर बैठे लोगों को गार्ड हटाते दिखे और लोग जगह-जगह जमीन पर बैठे दिखे। दवा काउंटर पर खड़े बुजुर्ग राम निरंजन थककर फर्श पर बैठ गए और अपनी बारी का इंतजार करते दिखे।
लाइन में इंतजार, बढ़ी बेचैनी
फिजिशियन, हड्डी रोग और जनरल सर्जरी विभाग की ओपीडी के बाहर सबसे लंबी कतार लगी दिखी। मौसम बदलने के कारण सर्दी, जुकाम, बुखार और खांसी के मरीज अधिक पहुंचे। कतार में लगे रामनयन ने बताया कि सुबह 10 बजे से लाइन में खड़े हैं, लेकिन दो घंटे बाद भी नंबर नहीं आया। राम सुमेर ने कहा कि दर्द से परेशान हैं, इलाज से पहले ही थकान से हालत बिगड़ रही है।
विज्ञापन

दवा लेने में भी घंटों की मशक्कत
मो. असलम ने बताया कि डॉक्टर को दिखाने के बाद भी राहत नहीं मिली। दवा वितरण काउंटर पर महिला, पुरुष और बुजुर्गों के लिए अलग काउंटर होने के बावजूद लंबी कतारें लगी रहीं। उन्होंने बताया कि डॉक्टर को दिखाने में दो घंटे लग गए, अब दवा के लिए फिर इंतजार करना पड़ रहा है। फूलकली ने बताया कि बेटे के साथ बारी-बारी से लाइन में खड़े होकर दवा लेनी पड़ी।
जांच के लिए लंबी दौड़
ओपीडी नई बिल्डिंग में होने के बावजूद एक्सरे की सुविधा पुरानी बिल्डिंग में है। मरीजों को स्ट्रेचर या सहारे से ऊबड़-खाबड़ रास्ते से वहां ले जाना पड़ता है। सप्ताह में केवल दो दिन अल्ट्रासाउंड होने से भीड़ और बढ़ जाती है।
हर सोमवार वही हालात
मरीज अंबुज कोरी ने बताया कि ओपीडी में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन पंजीकरण काउंटर, डॉक्टरों की उपलब्धता, बैठने की व्यवस्था और जांच सुविधाएं नहीं बढ़ाई गईं। नतीजा यह है कि हर सोमवार ओपीडी में यही हालात बनते हैं और मरीजों को इलाज से पहले ही लंबी जद्दोजहद झेलनी पड़ती है।
व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए सुझाव
-ओपीडी की व्यवस्था सुधारने के लिए पंजीकरण काउंटर और डॉक्टरों की संख्या बढ़ाई जाए।
-दवा वितरण काउंटर बढ़ाए जाएं और बैठने की पर्याप्त व्यवस्था की जाए।
- एक्सरे व अल्ट्रासाउंड जैसी जांच सुविधाएं ओपीडी के पास ही उपलब्ध कराई जाए।
- गंभीर मरीजों, बुजुर्गों और महिलाओं के लिए अलग काउंटर की व्यवस्था की जाए।

व्यवस्था सुधारने का चल रहा प्रयास
बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था और अच्छे डॉक्टरों की तैनाती से मेडिकल कॉलेज पर लोगों का भरोसा बढ़ा है। ग्रामीण क्षेत्रों व आसपास के जिलों से भी मरीज यहां आ रहे हैं। छुट्टी के चलते सोमवार को भीड़ अधिक रहती है, फिर भी व्यवस्था सुधारने का लगातार प्रयास किया जा रहा है।
विज्ञापन

-डॉ. प्रियांक वर्मा, कार्यवाहक प्राचार्य मेडिकल कॉलेज, सुल्तानपुर
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें