दूबेपुर/भदैंया। बारिश में बिजली व्यवस्था की खामियां एक बार फिर शुक्रवार को सामने आ गईं। पकड़ी उपकेंद्र की इनकमिंग ट्रॉली में आई तकनीकी खराबी से भाईं और बालमपुर फीडर की बिजली आपूर्ति सात घंटे तक ठप रही।
करीब 60 गांवों की 60 हजार से अधिक आबादी उमस और बिजली संकट से जूझती रही। पेयजल संकट गहराया तो दूसरी ओर धान की रोपाई कर रहे किसानों का काम प्रभावित हुआ।
बृहस्पतिवार रात 12 बजे पकड़ी उपकेंद्र की इनकमिंग नंबर-दो ट्रॉली में तकनीकी खराबी आ गई। जिससे भाईं और बालमपुर फीडरों से बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। रातभर कर्मचारी खामी दूर करने में जुटे रहे, लेकिन सफलता नहीं मिली। शुक्रवार सुबह छह बजे जिला मुख्यालय से पहुंची तकनीकी टीम ने ट्रॉली दुरुस्त कर आपूर्ति शुरू कराई, लेकिन 50 मिनट बाद सुबह 6:50 बजे फिर ब्रेकडाउन हो गया। इसके बाद दोनों फीडरों की आपूर्ति दोबारा बंद हो गई।
जिससे भाईं, लौहर, सराय, लखनपुर, बहरौली, देहली मुबारकपुर, कतकौली, गौहानी, लोदीपुर, अलहदादपुर, कुतुबपुर, प्रतापगंज समेत करीब 60 गांवों के उपभोक्ता दिनभर परेशान रहे। भीषण उमस में घरों के इनवर्टर जवाब दे गए। पानी की मोटरें नहीं चलने से पेयजल संकट भी खड़ा हो गया। खेतों में धान की रोपाई कर रहे किसानों को सिंचाई और अन्य कार्यों में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
अवर अभियंता जितेंद्र कुमार ने बताया कि बालमपुर फीडर की आपूर्ति पहले बहाल कर दी गई थी, जबकि भाईं फीडर की एचटी लाइन में खराबी मिलने के कारण शाम करीब छह बजे बिजली आपूर्ति सामान्य हो सकी।
उधर, भदैंया ब्लॉक के सौंराई गांव में दो दिनों से बिजली संकट बना है। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद विभागीय अधिकारी फोन तक नहीं उठा रहे हैं। गांव के रामप्रसाद, बजरंगी, सुरेंद्र और बृजभान ने बताया कि लगातार बिजली न मिलने से पेयजल और घरेलू कामकाज पूरी तरह प्रभावित हैं। वहीं, टीपीनगर उपकेंद्र के अहिमाने, गभड़िया, साउथ और नारायणपुर फीडरों पर ट्री-कटिंग व रखरखाव कार्य के चलते दोपहर में दो घंटे बिजली बंद रही।