सुल्तानपुर/गौरीगंज। 2015 के रेल बजट से निराश जिलेवासियों को 2016 के बजट काफी उम्मीदें थीं लेकिन जिलेवासियों को निराशा ही मिली। इस साल के रेल बजट में भी सुल्तानपुर और अमेठी जिले के लिए कुछ खास नहीं है। जिले को न तो कोई नई ट्रेन मिली न ही लखनऊ-वाराणसी दोहरीकरण परियोजना के लिए बड़ा बजट मिला। उम्मीद थी कि इस बार पूर्व में स्वीकृत अमेठी शाहगंज नई रेलवे लाइन के लिए बजट आवंटित होगा लेकिन जिलेवासियों को निराश होना पड़ा।
रेलकर्मियों की आशाओं पर खरा नहीं बजट
नए रेल बजट से रेल कर्मचारियों की आशाएं साकार नहीं हो सकीं। कार्यालय अधीक्षक आसिम सज्जाद ने कहा कि स्टाफ की कमी है। नई भर्ती न होने से कर्मचारियों पर काम का काफी दबाव रहता है। हेड टीटी राजेंद्र यादव कहते हैं कि बजट सिर्फ घोषणाओं तक सीमित है। अमल के नाम पर कुछ नहीं होता है। सीनियर फार्मासिस्ट केशव गुप्ता ने कहा कि सातवें पे कमीशन की विसंगतियों को दूर करने की जरूरत थी। इस बार के बजट में कर्मचारियों के हितों का ध्यान नहीं रखा गया। वाणिज्य पर्यवेक्षक ज्योति स्वरूप ने बताया कि रेलवे कर्मचारियों की मूलभूत सुविधाओं का ध्यान नहीं रखा गया। यह रेल कर्मियों के साथ ज्यादती है।