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डेढ़ सौ गन्ना किसानों के 77.23 लाख रुपये चीनी मिल पर बकाया

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किसान सहकारी चीनी मिल। - फोटो : SULTANPUR
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सुल्तानपुर। चीनी मिल को गन्ना बेचने वाले करीब 150 किसानों की सहकारी चीनी मिल अभी तक बकाएदार है। मिल पर गन्ना किसानों का अभी भी 77.23 लाख रुपये बकाया है। सरकार ने 26 फरवरी तक गन्ने की आपूर्ति करने वाले किसानों का बकाया चुकता कर दिया है।
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जिले में स्थित इकलौती किसान सहकारी चीनी मिल को बीते पेराई सत्र में 5,973 किसानों ने गन्ने की आपूर्ति की थी। गन्ना खरीद के समय से सरकार के निर्देश पर चीनी मिल ने किसानों का भुगतान करना शुरू किया था। पेराई सत्र समाप्त होने के बाद भी करीब चार करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान गन्ना किसानों का लटका था। शासन से धनराशि मिलने पर मिल ने क्रमश भुगतान जारी रखा। इसके बाद भी करीब चार सौ गन्ना किसानों का एक करोड़ 77 लाख भुगतान अटका था। शासन से धनराशि मिलने पर चीनी मिल ने दो दिन पहले एक करोड़ रुपये गन्ना मूल्य बकाए का भुगतान कर दिया।
दो दिन पहले हुए भुगतान के बाद अभी भी करीब डेढ़ सौ किसानों का गन्ना मूल्य भुगतान बाकी चला आ रहा है। इन किसानों का करीब 77.23 लाख रुपया अटका है। शासन के निर्देश पर 26 फरवरी 2021 तक चीनी मिल को गन्ना की आपूर्ति करने वाले किसानों का भुगतान चीनी मिल ने कर दिया है। जिला गन्नाधिकारी सुनील कुमार ने बताया कि बीते पेराई सत्र में चीनी मिल को गन्ना बेचने वाले किसानों का 26 फरवरी तक भुगतान किया जा चुका है। धनराशि मिलते ही शेष राशि का भुगतान चीनी मिल की ओर से कर दिया जाएगा।
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25 रुपये की बढ़ोत्तरी को किसानों ने बताया अपर्याप्त
सरकार की ओर से गन्ना मूल्य 25 रुपए प्रति क्विंटल की दर से बढ़ाए जाने पर भी किसान खुश नहीं हैं। किसानों ने बढ़े मूल्य को अपर्याप्त बताया है। किसानों का कहना है कि डीजल, उर्वरक के दामों में दोगुनी वृद्घि हो गई है। बिजली का बिल महंगा हो गया है। इसका असर गन्ना उत्पादन पर पड़ा है। महंगाई से गन्ना उत्पादन की लागत करीब डेढ़ गुना हो गई है। सरकार की ओर से गन्ने का मूल्य करीब 400 रुपया प्रति क्विंटल किया जाना चाहिए। भाकियू टिकैत गुट के अजय सिंह टुनटुन ने कहा कि गन्ना किसानों के साथ सरकार धोखा कर रही है। डीजव, उर्वरक के दामों में वृद्घि से गन्ना उत्पादन महंगा हो गया है। सरकार की ओर से बहुत कम मूल्य बढ़ोतरी की गई है। धनजई गांव निवासी गन्ना किसान घेर्राऊ ने बताया कि गन्ने का मूल्य साढ़े चार सौ रुपया प्रति क्विंटल से कम नहीं होना चाहिए। यह किसानों के साथ अन्याय है। भाजपा अपने वादों से मुकर रही है। बरजी गांव निवासी सतीश मिश्र का कहना है कि डीजल के दामों में दोगुना कर दिया गया। 25 रुपया प्रति क्विंटल की बढ़ोत्तरी से गन्ना किसानों के साथ अन्याय है। लागत के हिसाब से मूल्य बढ़ोतरी कम है। सुदनापुर गांव निवासी राम सुबरन वर्मा का कहना है कि गन्ना मूल्य की बढ़ोत्तरी अपर्याप्त है। इसका दाम 430 रुपये प्रति क्विंटल से कम नहीं होना चाहिए। यह किसानों के साथ छलावा है।
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