सुल्तानपुर के पंत स्पोर्ट्स स्टेडियम में स्थित वालीबाल कोर्ट।
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सुल्तानपुर। बिना कोच के प्रैक्टिस किसी भी खिलाड़ी के लिए चुनौती से कम नहीं है। स्टेडियम के करीब 250 खिलाड़ी इस चुनौती से रोज रू-ब-रू हो रहे हैं। प्रशिक्षकों की व्यवस्था नहीं होने से खिलाड़ियों को मंडल, प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करने में परेशानी हो रही है। खिलाड़ियों का कहना है कि उनकी आवाज उठाने वाला कोई नहीं हैं।
शहर के सिविल लाइंस क्षेत्र में स्थित पंत स्पोर्ट्स स्टेडियम में करीब दो वर्ष से विभिन्न खेलों के खिलाड़ियों के लिए प्रशिक्षक की व्यवस्था नहीं की जा सकी है। कोविड काल के बाद से स्टेडियम में अभ्यास करने वाले करीब 250 खिलाड़ियों के समक्ष कोच का संकट चल रहा है। ऐसे में उन्हें मंडल, स्टेट व नेशनल लेवल की चैंपियनशिप की तैयारी के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्टेडियम में इस समय जिला क्रीड़ा अधिकारी शीला भट्टाचार्या तैराकी की प्रशिक्षक हैं।
स्थानीय कर्मचारी बताते हैं कि वे लंबे समय से अवकाश पर हैं। वूशू प्रशिक्षक प्रवेश रावत हैं। वूशू का प्रशिक्षण कैंप भी काफी दिनों से नहीं चल रहा है। इसके अलावा एथलेटिक्स, क्रिकेट, जिमनास्टिक, हाकी, फुटबाल, वालीबाल, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, कबड्डी, कुश्ती, हैंडबाल, बाक्सिंग, जूडो समेत अन्य खेलों के लिए प्रशिक्षकों की व्यवस्था नहीं की जा रही है। खिलाड़ियों ने जनप्रतिनिधियों व प्रशासनिक अधिकारियों से स्टेडियम में प्रशिक्षकों की व्यवस्था कराने की मांग की है।