अमर उजाला की टीम सत्ता का संग्राम अभियान के तहत बृहस्पतिवार को यूपी की हाईप्रोफाइल सीट सुल्तानपुर में पहुंची जहां चाय पर चर्चा कार्यक्रम के दौरान जनता से जिले के मुद्दों को जानने का प्रयास किया।
यहां के एक निवासी रवींद्र तिवारी का कहना है कि सुल्तानपुर में लोग काम पर मतदान करेंगे। जिले में चिकत्सा, उद्योग और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर वोट करेंगे। जिले की सांसद मेनका गांधी के कार्यकाल में कोई उद्योग नहीं लगाया गया है। युवा बेरोजगार घूम रहा है। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि भाजपा भावनात्मक मुद्दों पर राजनीति करते हुए जनता का वोट लेती है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने सिर्फ राम के नाम का इस्तेमाल कर जनता से वोट लिया है। उनके लिए काम नहीं किया।
पुरानी पेंशन योजना है मुद्दा
जिले के कर्मचारी नेता कहते हैं कर्मचारियों में पुरानी पेंशन (ओपीएस) का मुद्दा है। अब एकल परिवार हो गए हैं। ऐसे में नौकरी के बाद किसी के लिए पेंशन ही एक सहारा होती था। ऐसे में हमारी मांग है कि जो भी सांसद हो उन्हें भी पुरानी पेंशन की मांग करनी चाहिए।
एक अन्य मतदाता का कहना है कि जिले में जातिवाद एक मुद्दा है। निषाद अपने समाज के प्रत्याशी को जिताना चाहता है। क्षत्रिय अपनी बिरादरी के नेता को जिताना चाहता है। भाजपा से ब्राह्मण समाज भी नाराज है। हालांकि, जनता के बीच बेरोजगारी मुद्दा है। युवा डिग्री लेकर घूम रहे हैं लेकिन उन्हें नौकरी नहीं मिल रही है।