अमेठी। ग्राम पंचायत को आवंटित धनराशि में अनियमितता बरतना तीन ग्राम प्रधानों को भारी पड़ा। मामला संज्ञान में आने के बाद डीएम ने दो ग्राम प्रधान का अधिकार प्रतिबंधित करने के साथ ही एक ग्राम प्रधान को रिकवरी की नोटिस जारी की है।
जिन ग्राम पंचायतों में संचालन के तीन सदस्यीय समिति गठित की है वहां त्रिसदस्यीय कमेटी गठित करने के अलावा एक ग्राम पंचायत में स्थापित स्ट्रीट व सोलर लाइट की जांच परियोजना निदेशक नेडा को दी गई है। केंद्र व प्रदेश सरकार की ओर से ग्राम पंचायत के विकास कार्यों के लिए आवंटित धनराशि का दुरुपयोग जिले की तीन ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधान को भारी पड़ा।
शिकायत के बाद जिला पंचायत राज अधिकारी देवेंद्र सिंह ने जांच करवाई तो शाहगढ़ विकास खंड की ग्राम पंचायत गरथोलिया की ग्राम प्रधान देवमती व संग्रामपुर विकास खंड की ग्राम पंचायत बदलापुर के ग्राम प्रधान कृष्ण मोहन तिवारी की ओर से प्रसाधन व अंत्येष्टि स्थल के लिए आवंटित धनराशि में अनियमितता बरतने की पुष्टि हुई।
इसके साथ ही ग्राम पंचायत संग्रामपुर में अनियमितता की जांच प्राविधिक परीक्षक अयोध्या मंडल ने की तो 28,809 रुपये की अनियमितता की पुष्टि करते हुए रिकवरी और स्ट्रीट व सोलर लाइट की जांच करवाने की संस्तुति की थी।
पूरे मामले की रिपोर्ट डीपीआरओ ने डीएम को सौंपी। रिपोर्ट मिलने के बाद डीएम अरुण कुमार ने गरथोलिया व बदलापुर के ग्राम प्रधान का अधिकार सीज करते हुए ग्राम पंचायत के खाते का संचालन करने के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की तो संग्रामपुर ग्राम पंचायत की ग्राम प्रधान वंदना सिंह को 9,603 रुपये की रिकवरी नोटिस जारी की है।
डीएम ने संग्रामपुर ग्राम पंचायत में स्ट्रीट व सोलर लाइट के कार्यों की जांच परियोजना निदेशक नेडा को सौंपते हुए विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। डीएम की ओर तीन ग्राम प्रधानों पर की गई कार्रवाई सार्वजनिक होने के बाद ग्राम प्रधानों में हड़कंप मचा है।