भदैंया में बस से बिछुड़ीं रामेश्वरी देवी। संवाद
भदैंया (सुल्तानपुर)। राजस्थान के डीडवाना जिले से करीब 60 श्रद्धालु बस से महाकुंभ नहाने गए थे। वहां से अयोध्या जाते समय सोमवार सुबह वाराणसी हाईवे पर जाम में एक महिला बस से छूट गईं। वह अपनों से मिलने के लिए खूब रोईं। स्थानीय लोगों व पुलिस की मदद से रामेश्वरी जब अपनों से मिलीं तो सबकी आंखें भर आईं।
महाकुंभ के त्रिवेणी में स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ कम नहीं हो रही है। राजस्थान के डीडवाना जिले के मौलासर के निमोद बाजार से एक यात्री बस 13 फरवरी को महाकुंभ के लिए निकली थी। सभी श्रद्धालु काशी विश्वनाथ का दर्शन कर रविवार रात अयोध्या के लिए निकले।
बस में सवार 65 वर्षीय रामेश्वरी देवी अपने पति कुंदन मल और बेटे मिलिंद के साथ यात्रा पर आई हैं। सोमवार सुबह वाराणसी हाईवे पर जाम में बस रुकी तो वह नित्य क्रिया के लिए उतरीं। उसी दौरान बस आगे बढ़ गई। रामेश्वरी अभियाकलां के रामनगर के पास छूट गई थीं। वह सड़क पर दौड़ते हुए रोने लगीं।
करीब दो किमी रोते हुए पैदल दौड़ीं लेकिन बस नहीं पा सकीं। हनुमानगंज पंचायत भवन पहुंचीं तो स्थानीय लोगों ने प्रधान सूरज सिंह को बुलाया। उन्होंने निमोद कस्बा बताया तो प्रधान ने गूगल से सर्च कर उनको बाजार का मंदिर दिखाया।
उन्होंने लोकेशन पहचाना तो प्रधान ने आश्वासन दिया कि हम आपको घर तक पहुंचाएंगे। इसके बाद निमोद के स्थानीय जुगल का नंबर निकालकर फोन कर बस वाले को जानकारी दी। बस तब तक अयोध्या हाईवे पर नेकराही दरगाह पर पहुंच चुकी थी। बस वाले को फोन किया तो महिला के परिजन देखे कि रामेश्वरी नहीं हैं।
पीआरवी पुलिस को जानकारी दी तो फोटो हुई शेयर
बस चालक व बेटे ने मौके पर मौजूद पीआरवी 2849 को महिला की फोटो दी। प्रधान सूरज ने महिला को कार में बैठाकर नेकराही बाईपास पर पहुंचकर पति व बेटे से मिलाया। रामेश्वरी अपने पति कुंदन मल और बेटे मिलिंद से मिलीं तो खुशी में सबकी आंखें डबडबा गईं। कोई कुछ बोल नहीं पा रहा था। यह दृश्य देख पूरे बस के यात्रियों की आंखें डबडबा गईं।