दोस्तपुर में गिरी धान की फसल व खेत में भरा पानी।
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सुल्तानपुर। बेमौसम बारिश किसानों पर आफत बनकर आई है। दो दिनों में हुई बरसात से खेतों में बोई गई सैकड़ों बीघे अगेती आलू व सरसों की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। खेत में पानी भरने से कटी पड़ी धान की फसल सड़ने की आशंका है। गन्ना गिरने से उसका वजन प्रभावित होना तय है। अभी बारिश जारी रहने से किसानों की चिंता और बढ़ गई है।
जिले में सोमवार को हुई छिटपुट बारिश के बाद रात से कुछ क्षेत्रों में तेज बरसात शुरू हो गई। मंगलवार को दिन में कई बार हुई बारिश से कुछ इलाकों में फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। खेतों में बोई गई अगेती आलू की फसल में अंकुरण से पहले ही पानी भर गया है। अगेती सरसों की फसलों में पानी भरने से पौधों के अंकुरित होने में संदेह पैदा हो गया है। बारिश से मिट्टी की कड़ी होने से बीज के अंदर ही सड़ने की आशंका है। कुछ किसानों की ओर से बोई गई चना, मटर व मसूर की फसलों को भी बारिश से नुकसान पहुंचा है। इनदिनों धान की फसलें तकरीबन तैयार हो गई हैं। अधिकांश क्षेत्रों में धान की कटाई चल रही है। कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश से धान व गन्ने के खेतों में पानी भर गया है। धान की कटी फसलों में पानी भरने से उसके सड़ने की आशंका है।
किसानों की सैकड़ों बीघे कटी धान की फसल बर्बाद होने की आशंका बनी है। खेतों में पानी भरने व तेज पुरवा हवा से चलने से गन्ने की फसलें अधिकांश क्षेत्रों में गिरकर जमीन पकड़ ली हैं। गन्ने की फसलों के गिरने से उसमें मिठास कम होने व वजन हल्का होने की आशंका है। जिले में किसान बड़े पैमाने पर चीनी मिल पर गन्ना बेचने के लिए बुआई करते हैं। बारिश से गन्ने की फसल गिरने से किसानों को बड़ी चोट पहुंची है। विभिन्न क्षेत्रों में रोपाई के लिए डाली गई सब्जी की नर्सरी को भी नुकसान पहुुंचा है। बारिश से चना, मटर, सरसों व मसूर की बुआई की तैयारी में लगे किसानों को दोबारा खेतों की जुताई कराने का खर्च आ पड़ा है।