सुल्तानपुर। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों को अब वार्षिक ई-केवाईसी कराना अनिवार्य होगा। फेस या बायोमीट्रिक सत्यापन के माध्यम से पुष्टि की जाएगी कि लाभार्थी जीवित और पात्र है। ई-केवाईसी पूरी न होने पर किसानों की सम्मान निधि किस्त रुक सकती है।
जिले के करीब 5.27 लाख किसान इस नई व्यवस्था के दायरे में आएंगे। केंद्र सरकार ने योजना को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए यह नियम लागू किया है। पहले अपात्र लोगों, आयकरदाताओं और मृत किसानों को भी राशि मिल रही थी। ऐसे मामलों में वसूली करना विभाग के लिए चुनौती बन जाता था।
कृषि विभाग के अनुसार, ई-केवाईसी और किसान रजिस्ट्री से किसानों की पहचान होगी। जिससे केवल पात्र किसानों को ही लाभ मिलेगा। यह सरकारी धन के दुरुपयोग पर अंकुश लगाएगा। विभाग किसानों को जन सुविधा केंद्रों, कॉमन सर्विस सेंटरों और कृषि कार्यालयों से जागरूक कर रहा है।
मृत और अपात्र लाभार्थियों की होगी पहचान
वार्षिक ई-केवाईसी से मृत लाभार्थियों के खातों में किस्त पहुंचने पर रोक लगेगी। इससे फर्जी और अपात्र लाभार्थियों की पहचान आसान होगी। उप कृषि निदेशक सुरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि फेस ई-केवाईसी बुजुर्ग किसानों के लिए उपयोगी है। यह उन किसानों को सुविधा देगा जिनके अंगूठे के निशान मशीन में मेल नहीं खाते।