सुल्तानपुर। भीषण गर्मी में बिजली की कटौती से जिले में हाहाकार मचा है। बिजली की मांग बढ़कर करीब 300 मेगावाट तक पहुंच गई। दूसरी तरफ आपूर्ति 220 मेगावाट ही मिलने से बिजली का रोस्टर ध्वस्त हो गया है। विद्युत आपूर्ति सिस्टम ओवर लोड हो गए हैं। भार वहन नहीं कर पाने से 5-10 मिनट के अंतराल पर बिजली कटौती हो रही है। कटौती से शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र तक के लोग बेहाल हैं।
उमस के साथ भीषण गर्मी से बिजली आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई है। गर्मी से राहत के लिए पंखा, कूलर, एसी, फ्रिज आदि के इस्तेमाल से बिजली की मांग बढ़ते हुए करीब 300 मेगावाट के करीब पहुंच गई है। मांग के सापेक्ष विद्युत वितरण को पर्याप्त बिजली नहीं मिल पा रही है। मौजूदा समय में जिले को करीब 220 मेगावाट बिजली ही मिल पा रही है। मांग व आपूर्ति में करीब 80 मेगावाट का अंतर आ गया है। ऐसे में शहर से लेकर गांव तक के विद्युत संयंत्र ओवरलोड हो गए हैं। खासकर सुबह 11 बजे से लेकर दोपहर बाद करीब तीन बजे व रात को करीब आठ बजे से लेकर दो बजे रात तक ओवर लोडिंग की वजह से बिजली संयंत्र लोड वहन नहीं कर पा रहे हैं।
बिजली संयंत्र 5 से 10 मिनट के भीतर ऑटो ट्रिप कर जा रहे हैं। भीषण गर्मी में पांच से 10 मिनट में बिजली कटौती से शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक हाहाकार मचा है। लोग गर्मी से बेहाल हो गए हैं। शहर में शाम के वक्त बिजली कटौती से घरों में पानी के लिए लगे मोटर नहीं चल पा रहे हैं। लोगों को पेयजल के लिए भटकना पड़ रहा है। अधीक्षण अभियंता धीरज सिन्हा का कहना है कि उमस भरी गर्मी से बिजली का लोड बढ़ गया है। इससे ओवर लोडिंग की समस्या आ गई है। आपूर्ति व्यवस्था पटरी पर लाने का प्रयास चल रहा है।
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गर्मी में निकल गए हाथ के पंखे
बिजली कटौती से लोगों का घरों में रहना मुश्किल हो गया है। बार-बार कटौती से शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक घरों में लगे इन्वर्टर पूरा चार्ज नहीं हो पा रहे हैं। वे कुछ ही घंटों में दगा दे जा रहे हैं। इसकी वजह से लोगों को रात में सोने के समय काफी परेशानी होती है। कूलर, एसी व पंखा नहीं चल पाने से लोगों की नींद पूरी नहीं हो पा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग गर्मी से बचने के लिए दिन व रात हाथ के पंखे का इस्तेमाल कर रहे हैं।