सुल्तानपुर। प्रदेश सरकार ने परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों की सुविधा के लिए छह करोड़ 29 लाख से डेस्क-बेंच आपूर्ति करने का निर्देश दिया था। टेंडर के बाद जब आपूर्तिकर्ता फर्म ने डेस्क-बेंच सप्लाई की तो उसमें से अधिकतर टूटी-फूटी और मानक विहीन पाई गईं। टूटे-फूटे फर्नीचर मिलने से विद्यालयों के शिक्षक परेशान हैं। प्राथमिक शिक्षक संघ ने मामले की शिकायत जिलाधिकारी से की है।
जिले के 483 परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों में छह करोड़ 29 लाख से फर्नीचर की आपूर्ति करने के लिए शासन ने निर्देश जारी किया था। इस राशि से 13 हजार 228 फर्नीचर (डेस्क-बेंच) क्रय होने थे। जेम पोर्टल से ऑनलाइन निविदा के आधार पर एक फर्म आपूर्ति के लिए चयनित की गई थी।
फर्म ने विभाग की ओर से चिह्नित लगभग सभी विद्यालयों में डेस्क-बेंच की आपूर्ति की है। जहां डेस्क-बेंच की आपूर्ति हुई हैं, वहां आपूर्ति की गई फर्नीचर में कई तरह की शिकायत मिली हैं। विद्यालयों में आपूर्ति हुए फर्नीचर की गुणवत्ता मानक के अनुरूप नहीं मिली है। कहीं डेस्क-बेंच की प्लाई फ्रेम से उखड़ गई है तो कहीं एंगल ही टूटा हुआ है।
घटिया फर्नीचर आपूर्ति पर प्रधानाध्यापकों ने उच्चाधिकारियों को अवगत भी कराया है। हसनपुर द्वितीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में 14 डेस्क-बेंच आपूर्ति की गई थी। इसमें से आठ टूटी हुई हैं। दूबेपुर के जूनियर हाईस्कूल बांसी में 76 डेस्क-बेंच आपूर्ति हुई थी। इसमें से 30 खराब हैं। थ्री सीटर डेस्क-बेंच की सप्लाई में गड़बड़ी के अंदेशे को देखते हुए डीएम ने जांच समिति गठित की है।
बीएसए दीवान सिंह यादव ने बताया कि आपूर्तिकर्ता फर्म को अभी पेमेंट नहीं किया गया है। जांच समिति की रिपोर्ट आने के बाद ही भुगतान पर निर्णय लिया जाएगा। किसी भी विद्यालय में मानक विहीन अथवा टूटी-फूटी डेस्क-बेंच आपूर्ति पर फर्म का पेमेंट नहीं किया जाएगा।
यह है मानक
जिला समन्वयक निर्माण आनंद शुक्ला ने बताया कि डेस्क-बेंच आपूर्ति के लिए मानक निर्धारित किए गए हैं। थ्री शीटर डेस्क-बेंच में डेस्क की लंबाई 1500 एमएम, चौड़ाई 450 एमएम, डेस्क के टॉप की ऊंचाई 580 एमएम, स्ट्रक्चर की मोटाई 2.3 एमएम, डेस्क के टॉप में लगे प्लाईवुड की मोटाई 19 एमएम निर्धारित की गई है।
इसमें एक एमएम का प्लस-माइनस हो सकता है। टेंडर के समय ही आपूर्तिकर्ता फर्म को मानक के बारे में विस्तृत जानकारी पहले ही दी गई है। बावजूद इसके कई विद्यालयों में अधोमानक फर्नीचर आपूर्ति किए गए हैं।
शिक्षक संघ ने डीएम को भेजा ज्ञापन
डेस्क-बेंच आपूर्ति में गड़बड़ी पर उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष दिलीप पांडेय ने डीएम को ज्ञापन भेजा है। इसमें जिलाध्यक्ष ने डेस्क-बेंच में कमजोर प्लाई व लोहे के प्रयोग का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि बच्चों के बैठने पर ही फर्नीचर टूट रहे हैं। इससे बच्चे चोटिल हो रहे हैं।
अभिभावक स्कूल में आकर अपने पाल्यों को फर्नीचर पर न बैठाने के लिए दबाव बनाते हैं। निष्प्रयोज्य फर्नीचरों को विद्यालय परिसर में रखना चुनौती भरा काम हो गया है। उन्होंने जिलाधिकारी से मामले में कार्रवाई करने की मांग की है। ज्ञापन की प्रति बेसिक शिक्षा मंत्री, स्थानीय सांसद, महानिदेशक स्कूल शिक्षा, सीडीओ और एडी बेसिक को भी भेजी है।