सुल्तानपुर। विधानसभा चुनाव के टिकट वितरण में निष्ठावानों पार्टी कार्यकर्ताओं पर दलबदलू भारी पड़े हैं। प्रत्याशी चयन में सभी प्रमुख राजनीतिक दलों का एक जैसा हाल है।
विधानसभा चुनाव की सुगबुगाहट शुरू होते ही भाजपा ने पांचों विधानसभा सीटों से दावेदारों की सूची भेजी थी। पांचों सीट पर दावेदारों की संख्या 50 से अधिक थी। टिकट वितरण के दौरान पार्टी के अधिकतर निष्ठावान कार्यकर्ता किनारे कर दिए गए। प्रत्याशी के चयन में निष्ठावान कार्यकर्ताओं पर दलबदलू भारी पड़े। सदर विधानसभा सीट से भाजपा के बैनर पर चुनाव लड़ रहे राज प्रसाद उपाध्याय आज भी निषाद पार्टी के सदस्य हैं। पार्टी ने समझौते में यह सीट निषाद पार्टी को दी है लेकिन भाजपा ने उन्हें अधिकृत प्रत्याशी घोषित करते हुए उन्हें अपना चुनाव चिह्न दे दिया। सुल्तानपुर सीट से प्रत्याशी बनाए गए पूर्व मंत्री विनोद सिंह करीब तीन साल पहले भाजपा में आए थे। भाजपा ने उन्हें अपना प्रत्याशी बनाया है। कादीपुर सुरक्षित सीट से दोबारा प्रत्याशी बनाए गए मौजूदा भाजपा विधायक राजेश गौतम वर्ष 2016 में कांग्रेस से आए थे। पार्टी ने उन्हें 2017 के बाद 2022 में भी टिकट दिया है।
इसी तरह लंभुआ सीट से प्रत्याशी बनाए गए मौजूदा सदर विधायक सीताराम वर्मा पहले बसपा में रहे। वर्ष 2016 में भाजपा में शामिल होने के बाद उन्हें सदर सीट से पार्टी ने उतारा था। सदर के सिटिंग विधायक को इस बार भाजपा ने क्षेत्र बदलकर लंभुआ से मौका दिया है। इसौली विधानसभा क्षेत्र से लगातार दूसरी बार प्रत्याशी बनाए गए ओमप्रकाश पांडेय बजरंगी अकेले ऐसे उम्मीदवार हैं जो भाजपा के पुराने कार्यकर्ता हैं। चुनाव में दलबदलुओं को तवज्जो देने में अन्य दल भी पीछे नहीं रहे। हाल ही में इसौली से कांग्रेस प्रत्याशी बनाए गए बीएम यादव सप्ताह भर पहले तक समाजवादी पार्टी में रहे। इसौली विधानसभा क्षेत्र से बसपा के प्रत्याशी बनाए गए ब्लॉक प्रमुख यशभद्र सिंह मोनू पीस पार्टी व रालोद में रह चुके हैं। लंभुआ से बसपा के प्रत्याशी बनाए गए अवनीश सिंह पूर्व में सपा में रहे। चुनाव के ऐन मौके पर बसपा ने उन्हें टिकट थमा दिया।
सदर के बसपा प्रत्याशी ओपी सिंह इसके पहले दो बार सदर से बसपा के टिकट पर विधायक बन चुके हैं।
वर्ष 2012 में टिकट न मिलने पर वे कांग्रेस में चले गए थे। इसी तरह कादीपुर सुरक्षित सीट से सपा से मैदान में उतरे पूर्व विधायक भगेलूराम पहले बसपा में रहे। वे बसपा से तीन बार विधायक भी रहे। कुछ माह पहले वे सपा में शामिल हो गए और प्रत्याशी बन गए। इसौली से चुनाव लड़ रहे सपा प्रत्याशी मो. ताहिर खान बसपा से सांसद रहे। एक बार वे सुल्तानपुर से भी बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं। इसके बाद वे सपा में शामिल हुए और टिकट हथियाने में कामयाब हो गए।