सुल्तानपुर। रुक-रुककर हो रही बारिश से दूसरे दिन सोमवार को भी जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। शहर के कई मोहल्लों में जलभराव से लोग घरों में कैद रहे। रोजमर्रा का काम निपटाने निकले लोगों को बारिश में भीगना पड़ा। जगह-जगह नालियां चोक होने से पानी की निकासी के लिए लोगों को मशक्कत करनी पड़ी।
शंभूगंज, बल्दीराय समेत कई खस्ताहाल सड़कों पर पानी भरने से गड्ढों में फंसकर लोग चोटिल हो गए। बारिश ने दिहाड़ी मजदूरों की रोजी-रोटी पर भी संकट खड़ा कर दिया है।
रविवार रात से शुरू हुई बारिश सोमवार दोपहर करीब 12:00 बजे जाकर थमी। पिछले 24 घंटों में जिले में 84.8 मिमी बारिश हुई है। बारिश से अमहट मंडी में घुटने तक पानी भर गया है। जिससे सब्जी, फल व्यापारी व खरीदार परेशान हैं। आढ़ती बाबू खां, मो. शमीम लईया, बाबूराम सोनकर आदि ने बताया कि दो दिनों से काफी नुकसान उठाना पड़ा है। सब्जी व फल पानी की वजह से सड़ गए हैं।
शहर के बहादुरपुर मोड़ के पास बारिश का पानी सड़क पर जमा हो गया है। जिससे दुकानदार व राहगीर परेशान हैं। शहर के निरालानगर, दरियापुर, नवीपुर, करौंदिया समेत कई इलाकों में पानी भरने से संक्रामक बीमारियों का फैलने का खतरा भी उत्पन्न हो गया है।
जलमग्न हुए कार्यालय
अखंडनगर/विंदेश्वरीगंज (सुल्तानपुर)। पिछले दो दिनों की बारिश से अखंडनगर थाने की बेलवाई पुलिस चौकी और बल्दीराय तहसील परिसर में स्थित आपूर्ति कार्यालय जलमग्न हो गया। पुलिस चौकी में पुलिसकर्मियों के साथ ही आने वाले फरियादियों को परेशानी झेलनी पड़ी। बल्दीराय के आपूर्ति कार्यालय में जलभराव से लाभार्थियों को राशन संबंधित कार्यों के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा है।
सब्जी और केले की फसल को नुकसान
भदैंया (सुल्तानपुर)। दो दिनों की बारिश से जहां गन्ने और धान की फसलों को फायदा हुआ है, वहीं सब्जी के साथ दलहन-तिलहन के अलावा केले की फसल को नुकसान पहुंचा है। कद्दू, लौकी, तोरई, नेनुआ, मूली, पालकी, धनिया की तैयार फसल को 70 फीसदी तक नुकसान हुआ है। अभियाखुर्द के किसान कमलेश मौर्य ने बताया कि 10 बीघे मूली की फसल बरसात से बर्बाद हो गई है। रामपुर हनुमानगंज में केले की खेती करने वाले राजकुमार, शिवकुमार और कृष्ण कुमार ने बताया कि बारिश और हवा से दर्जनों केले के पेड़ टूटकर गिर गए हैं।
कृषि वैज्ञानिक ब्रह्मराज पांडेय ने कहा कि जलभराव से जहां लतीय फसलें सड़ जाती हैं। वहीं, बरसात के बाद धूप से इनमें फंगस रोग लग जाता है। इसके लिए नियमित दवाओं के छिड़काव से ही फसलों को सुरक्षित किया जा सकता है।
पशुओं के चारे का संकट
सुल्तानपुर। गोमती नदी के तराई इलाकों में जलभराव हो गया है। इसके चलते पशुओं के सामने चारे का संकट खड़ा हो गया है। धनपतगंज के चकिया गांव के किसान गंगासागर शुक्ल, हरना के भोले सिंह और हरौरा के छोटेलाल यादव ने बताया कि बारिश के चलते खेतों में खड़ी सूडान चरी बर्बाद हो गई है। दुधारू गाय-भैंसों के लिए चारे की किल्लत हो गई है।
पलायन को मजबूर हो रहा परिवार
कुड़वार (सुल्तानपुर)। ग्राम पंचायत प्रतापपुर प्रथम में श्रवण कुमार सिंह का घर बारिश के पानी से चारों तरफ से घिर गया है। जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होने से यह परिवार पलायन करने को मजबूर होगया है। श्रवण का कहना है कि जिला प्रशासन से कई बार इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका।