फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sultanpur News: निजी स्कूलों की मनमानी पर फूटा अभिभावकों का गुस्सा

Tue, 14 Apr 2026 11:53 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
विज्ञापन
अमर उजाला के संवाद कार्यक्रम में हिस्सा लेते अ​भिभावक। संवाद
विज्ञापन
सुल्तानपुर। निजी स्कूलों की बढ़ती मनमानी के खिलाफ अभिभावकों का गुस्सा अब खुलकर सामने आने लगा है। मंगलवार को संवाद न्यूज एजेंसी कार्यालय में अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में अभिभावकों ने फीस, किताब और ड्रेस के नाम पर हो रही लूट के खिलाफ नाराजगी जताई और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की।
विज्ञापन

कार्यक्रम के दौरान अभिभावक उमाशंकर तिवारी ने कहा कि स्कूलों की मनमानी पर प्रशासन मौन है। किताबों के दाम दो से तीन गुना तक बढ़ा दिए गए हैं और तय दुकानों से खरीदारी का दबाव बनाया जाता है। यह सीधी कमीशनखोरी है। शैलेंद्र यादव ने कहा कि जिले में केंद्रीय विद्यालय की संख्या केवल एक है और प्रवेश प्रक्रिया जटिल होने से आम बच्चों के लिए वहां दाखिला लेना मुश्किल है।
अभिभावक पल्लव खेतान ने आरोप लगाया कि स्कूल हर साल किताबें बदल देते हैं, जिससे अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। एनसीईआरटी किताबों को अनिवार्य किया जाना चाहिए। अंशुमान श्रीवास्तव ने कहा कि सभी निजी स्कूलों के लिए फीस का स्पष्ट निर्धारण होना चाहिए। सचिन चोपड़ा ने कहा कि हर साल फीस बढ़ा दी जाती है। विरोध करने पर बच्चे का नाम काटने तक की धमकी मिलती है। अभिभावकों में एकता की कमी का फायदा स्कूल उठा रहे हैं। सचिन पांडेय ने कहा कि शहर के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों की कमी है, जिससे पढ़ाई प्रभावित हो रही है और अभिभावक मजबूरी में निजी स्कूल चुनते हैं।
विज्ञापन

वहीं, शोभित सिंह और अमित सिंह ने कहा कि सरकारी स्कूलों में योग्य शिक्षक होने के बावजूद भरोसे की कमी है। राजितराम यादव और आशुतोष मिश्रा ने सुझाव दिया कि यदि सरकारी शिक्षक और अधिकारी अपने बच्चों को परिषदीय स्कूलों में पढ़ाएं तो लोगों का भरोसा बढ़ेगा। प्रवीण और अजीत यादव ने कहा कि अलग-अलग कार्यक्रमों के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है, जिनका छात्रों से कोई लेना-देना नहीं होता। संजय और सुनील शर्मा ने कहा कि जब तक अभिभावक एकजुट होकर आवाज नहीं उठाएंगे, तब तक यह मनमानी जारी रहेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें