21. सुल्तानपुर जिला अस्पताल में लगा ऑक्सीजन प्लांट।
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सुल्तानपुर। कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन से निपटने को लेकर प्रशासनिक कवायद तेज हो गयी है। इसके चलते ही जिले में स्थापित किए गए सभी सात ऑक्सीजन प्लांट को क्रियाशील कर दिया गया है। जिला अस्पताल में स्थापित प्लांट से प्रतिदिन अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को जरूरत पड़ने पर ऑक्सीजन उपलब्ध कराई जा रही है।
जिले में कोरोना महामारी के दौरान प्रधानमंत्री केयर फंड से जिला अस्पताल, ट्रॉमा सेंटर अमहट, कादीपुर, लंभुआ, जयसिंहपुर और बिरसिंहपुर 100 शैया समेत सात अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया है। देश में कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के केस पाए जाने के बाद रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग हाई अलर्ट पर है। सीएमओ डॉ. डीके त्रिपाठी ने बताया कि जिला अस्पताल में स्थापित ऑक्सीजन प्लांट से जिला महिला अस्पताल में बनाए गए पीकू व नीकू वार्ड में ऑक्सीजन की सप्लाई पहुंचाई गई है।
उन्होंने बताया कि जिले में स्थापित सात ऑक्सीजन प्लांट पूरी तरह से तैयार है। हाई अलर्ट के बाद सभी ऑक्सीजन प्लांट को सक्रिय कर दिया गया है। प्लांट से ऑक्सीजन भी तैयार की जा रही है। हर स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से तैयार है।
कादीपुर सीएचसी अधीक्षक डॉ. राघवेंद्र सिंह ने बताया कि स्थापित ऑक्सीजन प्लांट से 45 लीटर ऑक्सीजन तैयार करने की व्यवस्था है। मौजूदा समय में 10 बेड का वार्ड तैयार किया गया है। सीएचसी पर पहुंचने वाले मरीजों को जरूरत पड़ने पर प्लांट को चालू करके आक्सीजन दिया जाता है। लंभुआ सीएचसी में स्थापित ऑक्सीजन प्लांट के बारे में सीएचसी अधीक्षक डॉ. रामकरन वर्मा ने बताया कि 12 सिलेंडर का वार्ड बनाया गया है, जिसमें मौजूदा समय में चार सिलेंडर लगे हैं।
जयसिंहपुर और बिरसिंहपुर में ऑक्सीजन प्लांट बनकर पूरी तरह से तैयार है। बिरसिंहपुर में बनकर तैयार हुआ 100 शैया का अस्पताल अभी तक स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर नहीं किया गया है और न ही चिकित्सकों की तैनाती की गई है, इसलिए प्लांट को चालू नहीं किया जा रहा है।