सुल्तानपुर। छोटे उद्यमों से युवाओं को स्वरोजगारी बनाने की मंशा पर बैंक अधिकारी पानी फेर रहे हैं। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना के तहत इसका सच सामने आया है। हालांकि, इस पर बैंकों के पेंच कसे गए हैं।
युवाओं को स्वरोजगारी बनाने के लिए संचालित मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना के तहत उद्योग विभाग ने विभिन्न बैंकों को अभी तक 806 पत्रावलियां ऋण वितरण के लिए भेजी हैं। इसके सापेक्ष विभिन्न बैंकों ने 209 पत्रावलियों को स्वीकृत किया है। बैंकों ने सिर्फ 145 आवेदकों को ऋण वितरित किया। ऋण नहीं मिलने पर आवेदक बैंकों व उद्योग विभाग के चक्कर लगा रहे हैं।
सहायक आयुक्त उद्योग राम मूर्ति मौर्या ने बताया कि प्रकरण से अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। प्रकरण संज्ञान में आने पर सीडीओ व डीएम ने बैकों के पेंच कसे हैं। लीड बैंक मैनेजर समीर पात्रा ने बताया कि पत्रावलियों को लंबित रखने वाले बैंकों को ऋण वितरण के निर्देश दिए गए हैं।