सुल्तानपुर। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध महिला अस्पताल की एक लिफ्ट बीते काफी समय से खराब पड़ी है। इसके चलते मरीजों को पांच मंजिला अस्पताल में ऊपर की फ्लोर पर जाने के लिए एक मात्र लिफ्ट के सहारे ही रहना पड़ता है। ऐसे में लिफ्ट में भीड़ अधिक होने के कारण अधिकतर मरीजों व प्रसूताओं को सीढ़ी के सहारे पहली से लेकर पांचवीं मंजिल तक जाने की परेशानी उठाना पड़ रही है।
पांच मंजिला महिला अस्पताल के डी ब्लॉक में महिलाएं इलाज व प्रसव के लिए आती हैं। इसी ब्लॉक में 120 से अधिक भर्ती वार्ड व 14 बेड क्षमता का एसएनसीयू (नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई) है। अस्पताल में प्रतिदिन 35 से 40 सामान्य व सिजेरियन प्रसव होते हैं। जबकि तीन से चार सौ महिलाएं ओपीडी में जांच कराने आती हैं। इसके साथ ही बच्चों का इलाज कराने व जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए भी लोगों का आवागमन महिला अस्पताल में बना रहता है।
अस्पताल के तीसरे तल पर एसएनसीयू व पीडियाट्रिक, प्राइवेट व चौथे पर पोस्ट डिलीवरी वार्ड, मेडिकल रिकार्ड रूम व जनपदीय इंटीग्रेटेड लैब जबकि पांचवीं मंजिल पर जन्म प्रमाण पत्र कार्यालय, वरिष्ठ लिपिक, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक व अस्पताल प्रबंधक कक्ष है। ऐसे में भीड़ अधिक हो जाने पर लिफ्ट की जगह लोगों को सीढ़ियों के सहारे ऊपरी मंजिल पर पहुंचना पड़ता है।
तीमारदार बेचन राम ने बताया कि परिवार में एक महिला को प्रसव हुआ है। लिफ्ट में भीड़ अधिक होने से बार-बार सीढ़ी के सहारे ही दूसरे व तीसरी मंजिल पर जाना पड़ता है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सलिल श्रीवास्तव ने बताया कि संबंधित कंपनी को सूचना दी गई हैं। जल्दी ही दोनों लिफ्ट संचालित होने लगेंगी।