सुल्तानपुर। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अब गोदाम से सीधे राशन की उठान करेंगी। राशन की उठान करने के बाद विभाग में पंजीकृत बच्चों व अन्य को सीधे राशन का वितरण करेंगी।
जिला कार्यक्रम विभाग में पंजीकृत बच्चों, किशोरियों को सूखा राशन (गेहूं व चावल) के उठान की जिम्मेदारी शासन ने महिला स्वयं सहायता समूहों को दिया था। उठान के बाद समूह की ओर से राशन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को लाभार्थियों में वितरण के लिए उपलब्ध कराया जाता था।
नई व्यवस्था से आ रही दिक्कतों के मद्देनजर शासन ने इस प्रक्रिया को बदल दिया। अब शासन ने महिला स्वयं सहायता समूह को राशन (गेहूूं व चावल) की उठान से अलग कर दिया है। गेहूं व चावल के उठान की जिम्मेदारी शासन ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को दे दी है।
नए आदेश के मुताबिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपने केंद्रों के पंजीकृत लाभार्थियों के लिए राशन की उठान स्वयं करेंगी। उठान के बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपने केंद्रों के लाभार्थियों में राशन का वितरण करेंगी। व्यवस्था में बदलाव के बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अप्रैल के राशन की उठान शुरू कर दी है।
कार्यक्रम विभाग के मुताबिक ब्लॉकों पर स्थित पीसीएफ की गोदाम पर गेहूं व चावल पहुंचने पर उठान शुरू हो गई है। जिला कार्यक्रम अधिकारी दिनेश सिंह ने बताया कि पीसीएफ की गोदाम पर राशन पहुंचने से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की ओर से राशन लिया जा रहा है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता लाभार्थियों में सूखा राशन वितरित कर रही हैं।
महिला स्वयं सहायता समूह कर रहे घी व दाल की उठान
कार्यक्रम विभाग में पंजीकृत लाभार्थियों को दिए जाने वाले घी, दाल की जिम्मेदारी अभी भी स्वयं सहायता समूहों के पास है। कार्यक्रम विभाग को आवंटन मिलने पर स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की ओर से उठान करके उसे आंगनबाड़ी केंद्रों को उपलब्ध कराया जा रहा है। एनआरएलएम के डीसी जीतेंद्र मिश्र ने बताया कि घी, दाल आदि कार्यक्रम विभाग की ओर से आवंटित किया जाता है।