शारदीय नवरात्रि में देवी मंदिरों पर विशेष व्यवस्था का शासन का फरमान पहले ही दिन हवा में उड़ा। शासन के निर्देश के बाद भी जिम्मेदारों ने इस तरफ ध्यान नहीं रखा। पहले ही दिन मंदिरों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति, साफ-सफाई, चिकित्सा कैंप व परिवहन की अतिरिक्त व्यवस्थाएं नाकाफी रहीं।
मंदिरों पर पुजारियों एवं स्थानीय लोगों के प्रयास से साफ-सफाई व अन्य इंतजाम कराए गए। बारिश के दौरान श्रद्धालुओं को कीचड़ से गुजरना पड़ा। चिकित्सा कैंप भी कहीं नहीं नजर आए।
लोहरामऊ देवी माता मंदिर परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था रही, लेकिन परिसर के बाहर सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहंी पाई गई। मंदिर को जाने वाला मुख्य रास्ता कीचड़ से सन गया था। बारिश के बाद सड़क पर पानी भरने से श्रद्धालुओं को कीचड़ के बीच से गुजरना पड़ा। दोपहर बाद मंदिर से बिजली गुल रही। मेले में पॉलीथिन का प्रयोग धड़ल्ले से चल रहा था। श्रद्धालुओं को दुकानदार पॉलीथिन में ही सामान दे रहे थे। मंदिर के पुजारी राजेंद्र मिश्र का कहना है कि मंदिर के पानी की निकासी तक की व्यवस्था नहीं है। प्रसाधन पर कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया है।
नयना माता मंदिर के आसपास बारिश के बाद फैली गंदगी
शहर स्थित नयना माता मंदिर पर भी साफ-सफाई का अभाव रहा। दोपहर बाद मंदिर से आसपास गंदगी और फैल गई। बारिश के बाद श्रद्धालुओं को सफाई के अभाव में गंदगी से गुजरना पड़ा। स्थानीय लोगों की मानें तो सुबह साफ-सफाई कराई गई थी। दोपहर से मंदिर पर बिजली भी गुल रही। इसके बाद नगर पालिका की ओर से कोई इंतजाम नहीं किया गया।