गौरीगंज। मुसाफिरखाना तहसील के धरौली व गौरीगंज के राघीपुर गांव में बनकर तैयार पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल इंटर कॉलज का संचालन मौजूदा शैक्षिक सत्र में शुरू नहीं हो सका।
दोनों इंटर कॉलेज में कक्षा संचालन/पद सृजन/फर्नीचर के संबंध में मांगी गई अनुमति की पत्रावली चार माह से शासन में लटकी हुई है। शासन में बैठे लोगों की उपेक्षा की स्थिति ऐसी परियोजना को लेकर है जिसका लोकार्पण चार माह पूर्व स्वयं प्रधानमंत्री कर चुके हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के उद्देश्य से सूबे की तत्कालीन सपा सरकार ने मॉडल स्कूलों के निर्माण की योजना बनाते हुए जनपद के बहादुरपुर ब्लॉक के उड़वा, मुसाफिरखाना ब्लॉक के धरौली तथा गौरीगंज ब्लॉक के राघीपुर मेें तीन स्कूलों को स्वीकृति प्रदान की थी।
स्वीकृति के बाद राज्य निर्माण सहकारी संघ लिमिटेड को कार्यदायी संस्था नामित करते हुए निर्माण कार्य शुरू करने को कहा गया। इसी दौरान सूबे में सत्ता परिवर्तन हो गया।
सत्ता परिवर्तन के बाद आई योगी सरकार ने तीनों मॉडल स्कूल का नाम पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज करते हुए उड़वा स्थित मॉडल इंटर कॉलेज का संचालन शुरू कर दिया।
एक साल बाद पिछले तीन मार्च को कौहार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुसाफिरखाना तहसील के धरौली व गौरीगंज के राघीपुर गांव में बनकर तैयार पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज का लोकार्पण किया।
लोकार्पण के वक्त बताया गया कि दोनों कॉलेजों का संचालन शैक्षिक सत्र 2019-20 में एक अप्रैल से शुरू कर दिया जाएगा। लोकार्पण के बाद डीआईओएस नंदलाल गुप्ता ने आठ मार्च को शिक्षा निदेशक को पत्र भेजते हुए दोनों इंटर कॉलेज में कक्षा संचालन/पद सृजन/फर्नीचर के संबंध में अनुमति मांगी।
डीआईओएस के पत्र के क्रम में शिक्षा निदेशक माध्यमिक विनय कुमार ने अपर शिक्षा निदेशक (माध्यमिक/राजकीय) मुख्यालय प्रयागराज को स्कूल संचालन करने की व्यवस्था करने को कहा।
बावजूद इसके अनुमति की पत्रावली चार माह से शासन में लटकी हुई है। शासन में बैठे लोगों की उपेक्षा की स्थिति ऐसी परियोजना को लेकर है जिसका लोकार्पण चार माह पूर्व स्वयं प्रधानमंत्री कर चुके हैं।
जिले के बहादुरपुर ब्लॉक के उड़वा, मुसाफिरखाना ब्लॉक के धरौली तथा गौरीगंज ब्लॉक के राघीपुर मेें निर्मित पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज के निर्माण पर कुल 8.25 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। यानी एक कॉलेज पर 2.75 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।
सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी आशुतोष मिश्र ने बताया कि स्कूल का संचालन होने से दोनों कॉलेजों के आस पास के 800 बच्चों (प्रत्येक में 400) को बेहतर शिक्षा मिलेगी।
शैक्षिक सत्र 2017-18 से संचालित पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज भी संबद्ध दो शिक्षकों के भरोसे संचालित हो रहा है। शिक्षकों की तैनाती नहीं होने से स्कूल का शिक्षण कार्य प्रभावित है। वर्तमान में स्कूल में विभिन्न कक्षाओं में कुल 67 बच्चे ही पंजीकृत हैं।