सुल्तानपुर। जिले से दो नेशनल हाईवे गुजरे हैं। इनमें एक लखनऊ-सुल्तानपुर वाया वाराणसी और दूसरा टांडा-बांदा हाईवे है। सुल्तानपुर-लखनऊ हाईवे पर असरोगा के पास और टांडा-बांदा हाईवे पर भीखूपुर में टोल प्लाजा है।
दावा किया जाता है कि दोनों टोल प्लाजा पर एंबुलेंस, क्रेन और पेट्रोलिंग के लिए वाहन है, लेकिन धरातल पर ऐसा कुछ नहीं दिखता।
कई बार सड़क हादसे में घायल लोगों को अस्पताल पहुंचाने के लिए राहगीर से लेकर परिवारीजन तक टोल प्लाजा के कर्मियों से एंबुलेंस की मांग करते रहे, लेकिन उन्हें मदद नहीं मिली।
जिले में सात माह के दौरान हुए सड़क हादसों में मरने वाले लोगों के आंकड़ों पर नजर डालें तो करीब ढाई सौ लोगों की सड़क हादसे में मौत हुई और तीन सौ से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
भीखूपुर टोल प्लाजा
जयसिंहपुर। क्षेत्र के देवपरापार गांव की रहने वाली परागा देवी (60) पत्नी रामलाल की 18 फरवरी को बीमारी से मौत हो गई थी। परिवारीजन शव का अंतिम संस्कार के लिए प्राइवेट बस लेकर दियरा घाट गए थे। अंतिम संस्कार के बाद परिवारीजन घर लौट रहे थे।
बस राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित जयसिंहपुर कोतवाली क्षेत्र के भीखूपुर (पीढ़ी ) स्थित बांदा-टांडा हाईवे के टोल प्लाजा से गुजर रही थी। बस में लगा फ़ास्ट टैग टोल पर लगी मशीन रीड नहीं कर पा रही थी तो टोल कर्मियों ने बस के चालक को दूसरे लेन में जाने को कहा। बस का कंडक्टर अशोक गुप्त (35) निवासी सुमेरपुर बस को आगे पीछे करा रहा था।
इस बीच कंडक्टर बस और डिवाइडर के बीच में दबकर बुरी तरह घायल हो गया। इस बीच बस पर मौजूद लोगों ने घायल को अस्पताल पहुंचाने के लिए टोल कर्मियों से मिन्नत की, लेकिन किसी ने एंबुलेंस नहीं दी थी। बाद में परिवारीजन अशोक को प्राइवेट वाहन से लेकर जिला अस्पताल पहुंचे थे, जहां चिकित्सकों ने उसे रेफर कर दिया था। परिवारीजन अशोक को लेकर लखनऊ जा रहे थे कि रास्ते में ही उसकी मौत हो गई थी।
भीखूपुर टोल प्लाजा
जयसिंहपुर। क्षेत्र के भिदूरा गांव निवासी राम नयन कोरी (45) अपने बेटे दीपक के साथ नौ अप्रैल की रात बाइक से सुल्तानपुर से घर लौट रहे थे। दोनों टांडा-बांदा हाईवे पर गोसाईंगंज क्षेत्र के मोतीगंज बाजार के सलारपुर गांव के पास पहुंचे थे कि विपरीत दिशा से आ रही तेज रफ्तार बस ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी थी।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि पिता-पुत्र सड़क पर दूर जा गिरे। राहगीरों ने लहूलुहान पिता-पुत्र को अस्पताल पहुंचाने के लिए टोल प्लाजा की ओर से सड़क पर कराए जा रहे पैचिंग के काम में लगे कर्मियों से एंबुलेंस की मांग की, लेकिन किसी ने सहायता नहीं की। बाद में पहुंची पुलिस ने पिता-पुत्र को अस्पताल पहुंचाया था, जहां चिकित्सकों ने राम नयन को मृत घोषित कर दिया था।
अयोध्या-प्रयागराज हाईवे
सुल्तानपुर। अयोध्या-प्रयागराज हाईवे पर स्थित कूरेभार क्षेत्र के जमोली के समीप नौ जुलाई को नेपाल के बरड़िया जिले के कई लोग हैदराबाद के तेलंगाना प्राइवेट बस में बैठकर जा रहे थे। बस जमोली के पास सड़क किनारे खड़ी थी। तभी तेज रफ्तार एक ट्रक ने बस को टक्कर मार दी थी।
दुर्घटना में बस पर सवार महेंद्र भुषाल (15) निवासी गिदरपुर थाना शांति बाजार जिला बरडिया और प्रेम चलोने (35) पुत्र उदय चलोने निवासी ग्राम कालिका स्थान थाना विनायक नेपाल की दुर्घटना स्थल पर ही मौत हो गई जबकि पांच अन्य लोग घायल हो गए थे।
असरोगा टोल प्लाजा
कुड़वार। लखनऊ सुल्तानपुर हाईवे पर स्थित असरोगा टोल प्लाजा के डिवाइजर से 23 मार्च को बंधुआकलां पुलिस चौकी की जीप टकराकर पलट गई थी। दुर्घटना में दरोगा मृदुल मयंक पांडेय और आरक्षी पंकज कुमार घायल हो गए थे। हालांकि असरोगा टोल प्लाजा के कर्मियों ने तत्काल दोनों कर्मियों प्राथमिक उपचार किया था।
सुरक्षित स्थानों पर खड़ा करें वाहन : एसपी
एसपी डॉ. विपिन कुमार मिश्र का कहना है कि हाईवे पर पेट्रोलिंग करने वाली पुलिस की मोबाइल टीम को आदेश दिया गया है कि सड़क पर खड़े होने वाली बसें अथवा ट्रकों के चालकों को वाहन सुरक्षित खड़ा करने के लिए जागरूक करें। जिले में हाईवे से लेकर अन्य स्थानों पर यूपी 112 की पीआरवी निर्धारित प्वॉइंट पर तैनात रहती है। कोई हादसा होता है तो संबंधित लोकेशन के नजदीक तैनात पीआरवी पहुंचकर घायलों को अस्पताल पहुंचाती है। जिले में यूपी 112 के 48 चार पहिया व 18 दो पहिया वाहन हैं।
‘दोनों हाईवे पर नहीं कोई ब्लैक स्पॉट’
टांडा-बांदा हाईवे पर कोई ब्लैक स्पाट चिह्नित नहीं है। परियोजना प्रबंधक समर बहादुर सिंह ने बताया कि हाईवे पर पेट्रोलिंग की जाती है और क्रेन उपलब्ध है। सुल्तानपुर-लखनऊ नेशनल हाईवे पर भी कोई ब्लैक स्पॉट नहीं है। परियोजना प्रबंधक एनएच गिरी ने बताया कि हाईवे पर सोलर बिल्किंर लगे हैं जो बैटरी व लाइट से चलते हैं। 129 किलोमीटर लंबे इस हाईवे के असरोगा पर पेट्रोलिंग के लिए क्रेन व एंबुलेंस उपलब्ध कराई गई है। हादसे की सूचना मिलने पर क्रेन व एंबुलेंस से घायलों की मदद की जाती है।
पुलिस की ओर से पूर्व में चिह्नित राजमार्ग के 14 डेंजर पॉइंट
हनुमानगंज, कामतागंज, भदैंया, बेदूपारा, रवनिया पश्चिम, बंधुआकलां, अमहट, पयागीपुर, कस्बा कूरेभार, टाटियानगर, कमनगढ़, सहाबागंज, शाहपुर लपटा, मोतिगरपुर।
क्या है नियम
एनएचएआई की एक इमरजेंसी पेट्रोलिंग टीम होती है। उसे हादसा स्थल पर तत्काल पहुंचना होता है। टीम वहां पर टेक्निकल मुआयना करने के साथ-साथ घायलों को अस्पताल आदि पहुंचाने में पुलिस की मदद करती है। एंबुलेंस और क्रेन भी उपलब्ध कराना एनएचएआई की जिम्मेदारी है।