यदि इस दिन छुट्टी रही तो अगले दिन स्कूल खुलने पर छात्र-छात्राओं को दो सौ मिलीलीटर उबला हुआ दूध दिया जाएगा। शासन ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए समस्त जिलाधिकारियों को क्रियान्वयन को कहा है।
यह आदेश 15 जुलाई से प्रभावी होगा। साथ ही एमडीएम के मेन्यू में भी परिवर्तन करते हुए पूड़ी व मीठे चावल को इससे बाहर कर दिया है। जिले के 2,447 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्तर तक के विद्यालयों में एमडीएम का संचालन होता है।
इन स्कूलों के नौनिहालों को अब सप्ताह में एक दिन 200 एमएल उबला हुआ दूध पिलाया जाएगा। जारी शासनादेश के मुताबिक दूध पिलाने की तिथि बुधवार को निर्धारित किया गया है।
यदि बुधवार को छुट्टी रहती है तो अगले कार्यदिवस के दिन दूध पिलाया जाएगा। यह व्यवस्था बच्चों को उर्जा एवं प्रोटीन के निर्धारित मानकों की पूर्ति के लिए की गई है।
साथ ही वर्तमान में निर्धारित एमडीएम के मेन्यू में भी परिवर्तन किया गया है। अब पूड़ी और मीठा चावल बच्चों को नहीं खिलाया जाएगा। पूड़ी की जगह रोटी सब्जी का एमडीएम खिलाया जाएगा।
इसके अलावा नए मेन्यू के मुताबिक बुधवार को ही कोफ्ता-चावल खिलाया जाएगा। अब तक इस दिन कढ़ी-चावल अथवा खीर खिलाई जाती थी।
सचिव उप्र शासन एचएल गुप्ता ने बुधवार को शासनादेश जारी करते हुए सभी जिलाधिकारियों को क्रियान्वयन का आदेश दिया है।