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दहेज हत्या के आरोपी पति को 12 वर्ष की कैद

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सुल्तानपुर। दहेज हत्या के मामले में एडीजे तृतीय मनोज कुमार शुक्ल ने आरोपी पति को दोषी करार देते हुए शुक्रवार को 12 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।
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कोर्ट ने मृतका की ननद व ननदोई को दोषी मानते हुए सात वर्ष की सजा से दंडित किया है। अदालत ने आरोपियों पर छह-छह हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। मामला चांदा थाने के तमरसेपुर गांव से जुड़ा है।
गांव निवासी अनिल कुमार की शादी 21 मई 2006 को प्रतापगढ़ जिले के आसपुर देवसरा थाने के घरहिया गांव के शोभनाथ की बहन रेनू के साथ हुई थी। आरोप है कि ससुरालीजन दहेज में बाइक व 25 हजार रुपये नकदी की मांग को लेकर रेनू को प्रताड़ित करते थे।
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यह भी आरोप है कि दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर ससुरालीजनों ने एक दिसंबर 2006 को रेनू की हत्या कर दी थी और मायके वालों को उसके आत्महत्या कर लेने की झूठी सूचना दे दी थी।
पुलिस के मुकदमा नहीं दर्ज करने पर मृतका के भाई शोभनाथ ने कोर्ट की शरण ली थी। कोर्ट के आदेश पर चांदा थाने में मृतका के पति अनिल कुमार, ननद सरोजा देवी, ननदोई गुरुदीन और गांव के प्रधान जगदीश प्रसाद तिवारी के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था।
मामले की विवेचना पूरी कर पुलिस ने आरोपी पति अनिल कुमार के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी और तीन अन्य नामजद आरोपियों का नाम विवेचना में निकाल दिया था।
अभियोजन पक्ष की अर्जी पर कोर्ट ने आरोपी ननद सरोजा देवी व ननदोई गुरुदीन को विचारण के लिए कोर्ट में तलब किया था। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे एडीजीसी क्रिमिनल राम अचल मिश्र ने घटना को साबित करने के लिए सात गवाहों को कोर्ट में पेश किया।
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शुक्रवार को एडीजे तृतीय मनोज कुमार शुक्ल ने दोनों पक्षों की बहस व साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी पति अनिल कुमार को दोषी करार देते हुए 12 वर्ष की कैद व छह हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाकर जेल भेजने का आदेश दिया। कोर्ट ने आरोपी ननद सरोजा देवी व उसके पति गुरुदीन को सात वर्ष के कारावास व छह-छह हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
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