सुल्तानपुर। मौसम की मार से बीमार लोग अस्पताल पहुंच रहे हैं। शनिवार को मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में शनिवार को 3215 मरीजों का इलाज किया गया। जिसमें इमरजेंसी में ही 546 में से 216 मरीज वायरल फीवर, दस्त के आए। इतनी संख्या में मरीजों की भीड़ से व्यवस्था चरमरा गई। इन मरीजों का इलाज स्ट्रेचर पर लिटाकर किया जा रहा है।
शनिवार को मेडिकल कॉलेज की ओपीडी खुली तो मरीजों की सुबह से ही लंबी कतार लग गई। रजिस्ट्रेशन से लेकर दवा काउंटर पर मरीजों को दुश्वारी झेलनी पड़ी। ओपीडी में डॉक्टर तक पहुंचने में मरीजों को घंटों लग गए। गर्मी से बुजुर्गों में रक्तचाप, डायबिटीज की समस्या बढ़ी है। मेडिसिन और अस्थि रोग विभाग में लंबी कतार लगी रही।
बेतरतीब लाइन से मरीज हुए परेशान, कहासुनी
मेडिकल कॉलेज के फिजीशियन के कक्ष के बाहर सुबह आठ बजे से ही मरीजों की भीड़ लगी रही। कई बार लोगों की कतार में खड़े होने के लिए नोकझोक हुई। शिकायत थी कि गार्ड और स्टाफ के लोग बिना लाइन के ही मरीज को लेकर अंदर घुस जाते हैं, जिससे पहले से खड़े मरीजों को परेशानी उठानी पड़ती है।
डेढ़ घंटे लाइन में लगने के बाद मिली दवा
बुखार से पीड़ित जानकी देवी धनपतगंज से दवा लेने आई थीं। बताया कि दवा लेने के लिए उन्हें डेढ़ घंटे लाइन में लगना पड़ा। खड़े होने की हालत नहीं थी, इसलिए फर्श पर बैठकर किसी तरह दवा लिया है। पकड़ी से आए राम नेवाज ने बताया कि अस्थि रोग विभाग की ओपीडी में उन्हें डॉक्टर तक पहुंचने में एक घंटे लग गए। गर्मी में बहुत परेशानी उठानी पड़ी है।
धूप में शरीर ढंके, ठंडा पानी पीने से बचें
मौसम में हो रहा परिवर्तन से लोग अधिक बीमार हो रहे हैं। लोगों को इससे बचने के लिए धूप में निकलते समय शरीर को ढंककर रखें। धूप से आने के बाद ठंडा पानी पीने से बचें। ओआरएस के घोल को समय-समय पर पीते रहें। किसी भी समस्या के बाद चिकित्सक से परामर्श के बाद ही दवा खाएं।
- डॉ. पवन सिंह, फिजीशियन
रोग प्रतिरोधक क्षमता पर पड़ रहा दबाव
बढ़े तापमान से तालमेल बिठाने में शरीर को समय लगता है। इम्यून सिस्टम पर दबाव पड़ने से बैक्टीरिया और वायरस से लड़ने की क्षमता प्रभावित होती है। इसलिए लोग आसानी से बीमार हो रहे हैं। हल्का सा संक्रमण भी खांसी, फ्लू जैसे वायरल इन्फेक्शन की वजह बन रहा है।
- डॉ. आरके मिश्रा, सीएमएस