सुल्तानपुर। तहसील क्षेत्र के अमिलिया सिकरा गांव में तीन करोड़ की लागत से बने पं. दीन दयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज ने बीते दो शिक्षण सत्र बगैर शिक्षक के ही गुजार दिए। इस सत्र में अभी तक करीब 250 विद्यार्थी नामांकित हो चुके हैं। नामांकित विद्यार्थियों को शिक्षा देने के लिए अभी भी यहां पर शिक्षक की तैनाती नहीं की जा सकी है। अकेले प्रभारी प्रधानाचार्य के भरोसे यहां की शिक्षण व्यवस्था है।
जयसिंहपुर तहसील क्षेत्र के अमिलिया सिकरा गांव में करीब चार एकड़ में तीन करोड़ से अधिक की लागत से बने राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज की नींव करीब एक दशक पूर्व तत्कालीन बसपा सरकार में तत्कालीन क्षेत्रीय विधायक ओपी सिंह ने रखी थी। इसके बाद पूर्व विधायक अरुण वर्मा ने कॉलेज का निर्माण कार्य पूरा कराते हुए 6 दिसंबर 2017 को इसका लोकार्पण करवाया था।
कॉलेज का लोकार्पण होने के बाद भी यहां शिक्षकों की तैनाती नहीं की गई। कुछ दिन प्रभारी के भरोसे कॉलेज खुला तो विद्यार्थियों की आमद शुरू हुई। इसी बीच शिक्षक की अनुपलब्धता के कारण कॉलेज का संचालन नहीं हो सका और कॉलेज में फिर से ताला लटक गया।
पिछले वर्ष मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज का नाम परिवर्तित करके पं. दीनदयाल राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज रखा। इस बार भी शिक्षकों की व्यवस्था नहीं की गई। विगत सत्र में राजकीय हाईस्कूल पीढ़ी के प्रधानाचार्य लालमणि मिश्र को यहां का अतिरिक्त प्रभार देते हुए कॉलेज में प्रवेश प्रारंभ किया गया था।
पूरे सत्र में शिक्षक नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई चौपट हो गई। किसी तरह बच्चों ने अपनी तैयारी करके परीक्षा दी। मौजूदा शिक्षण सत्र में भी यहां पर शिक्षकों की कोई व्यवस्था अभी तक नहीं की जा सकी है, जबकि नामांकित बच्चों की संख्या 250 के करीब है। चालू शिक्षा सत्र में एक मात्र प्रभारी प्रधानाचार्य राममूर्ति यादव की तैनाती है। वे राजकीय हाईस्कूल इसौली के सहायक अध्यापक हैं।
पं. दीनदयाल राजकीय मॉडल इंटर कालेज में 23 पद स्वीकृत हैं। इसमें एक प्रधानाचार्य, 10 प्रवक्ता, सात सहायक अध्यापक, दो लिपिक, पांच अनुचर का पद स्वीकृत है। कॉलेज में पोस्टिंग के नाम पर मात्र एक लिपिक योगेश शुक्ल की पोस्टिंग है। वे भी लंबे समय से जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में संबद्ध हैं।