दोस्तपुर विकास खंड के गोरई ग्राम पंचायत में अपनी दबंगई के बल पर निर्विरोध प्रधान बन बैठे अपराधी पर प्रशासन ने शिकंजा कस दिया है। निर्वाचित प्रधान के शपथ न ले पाने पर मजिस्ट्रेट ने बृहस्पतिवार को प्रधान पद को रिक्त घोषित कर दिया। प्रधान पद रिक्त होने से अब गोरई में उपचुनाव कराया जाएगा।
पंचायत चुनाव के दौरान ग्रामीणों पर धौंस जमा व पुलिस की आंखों में धूल झोंककर गोरई गांव के आपराधिक प्रवृत्ति के राम सागर यादव ने नामांकन दाखिल कर दिया था। बताया जाता है कि उसके फरमान के आगे प्रधान पद पर और कोई नामांकन नहीं कर सका। मीडिया की ओर से इसका खुलासा करने के बाद पुलिस व प्रशासन हरकत में आया। हालांकि उस दौरान और कोई नामांकन न होने से राम सागर गांव का निर्विरोध प्रधान बन गया। बाद में शपथ ग्रहण कार्यक्रम के दौरान पुलिस ने उस पर शिकंजा कस दिया।
उसी दौरान अंबेडकरनगर पुलिस ने उसे गिरफ्तार भी कर लिया। पुलिस के शिकंजा कसने के बाद वह शपथ नहीं ले सका था। बृहस्पतिवार को शपथ न लेने पर पंचायत नियमों का हवाला देते हुए जिला मजिस्ट्रेट एस राजलिंगम ने गोरई ग्राम प्रधान का पद रिक्त घोषित कर दिया। शुक्रवार को आदेश की विज्ञप्ति जारी कर दी। डीएम की ओर से प्रधान पद रिक्त करने से अब गोरई गांव में उपचुनाव कराया जाएगा।