धनपतगंज। गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से तराई क्षेत्र में सैकड़ों बीघे फसलें डूब गईं। पानी नौगवां-मायंग मार्ग तक पहुंचने से आवागमन प्रभावित हो गया है। धनपतगंज-कुड़वार मुख्य मार्ग पर खतरा बढ़ गया है। इससे ग्रामीणों और किसानों की चिंता बढ़ गई है। दोपहर बाद जलस्तर स्थिर होने से अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
पिछले 36 घंटे से सोती, माधवपुर, औदहा और सड़ांव गांवों के खेतों में पानी भरा है। धान समेत अन्य फसलें डूब गई हैं। नौगवां-मायंग मार्ग पर पानी पहुंचने से ग्रामीणों, किसानों और छात्र-छात्राओं को दो दिन से परेशानी हो रही है। यह मार्ग धनपतगंज और कुड़वार ब्लॉकों को जोड़ता है। नौगवां के रणधीर सिंह, शिव बख्श सिंह, चंद प्रकाश सिंह और औदहा के अशोक पांडेय ने प्रशासन से जलस्तर पर नजर रखने और जरूरी कदम उठाने की मांग की।
राजस्व लेखपाल विकास पाल ने बताया कि दोपहर में गोमती का जलस्तर 83.180 मीटर पहुंचने पर अधिकारी सक्रिय हो गए। नोडल अधिकारी शारदा सहायक खंड-16 के एक्सईएन की ओर से दोपहर 12 से शाम चार बजे तक चार बार माप कराई गई। इसमें जलस्तर 10 मिलीमीटर घटकर 83.170 मीटर पर स्थिर मिला।
आज से घटने के आसार
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व व दैवी आपदा अधिकारी राकेश सिंह ने बताया कि नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु तक पहुंचने से पहले ही स्थिर हो गया। शुक्रवार से इसके घटने के आसार हैं। प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कराया जा रहा है। नुकसान का मुआवजा दिया जाएगा।