अमेठी। खानदानी विरासत की जंग को लेकर सुर्खियों में रही अमेठी रियासत में सियासी विरासत की जंग के आसार बढ़ गए हैं। कांग्रेस सांसद संजय सिंह के पुत्र भाजपा नेता अनंत विक्रम सिंह ने अपनी मां गरिमा सिंह के भाजपा से चुनाव लड़ने का खुलासा कर हलचल मचा दी है।
अमेठी विधानसभा सीट से अमीता सिंह कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ती हैं। ऐसे में भाजपा से गरिमा सिंह के नाम को हरी झंडी मिली तो अमेठी राजघराने की दो महिलाओं में मुकाबला तय माना जा रहा है।
25 जुलाई 2014 में राज्यसभा सदस्य डॉ. संजय सिंह की पहली पत्नी गरिमा सिंह के भूपति भवन पहुंचने पर विवाद हो गया था। उस घटना के बाद संजय सिंह के पुत्र अनंत विक्रम सिंह ने भाजपा का दामन थाम लिया था। उम्मीद जताई जा रही थी अनंत अमेठी विधानसभा सीट से भाजपा टिकट पर अमीता सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे। लेकिन शुक्रवार को अनंत विक्रम सिंह ने खुद के बजाय अपनी मां गरिमा सिंह का नाम चुनावी जंग में आगे कर सियासी बिसात ही बदल दी।
उन्होंने साफ किया उनकी मां गरिमा सिंह का नाम भाजपा प्रत्याशी के लिए प्रस्तावित किया जाएगा। अगर पार्टी मंजूरी देती है तो वे ही प्रत्याशी होंगी। अनंत के इस कदम के बाद अमेेठी रियासत में अब सियासी जंग के आसार बनने लगे हैं। अमेठी राजघराने की दो महिलाएं चुनावी मैदान में उतरीं तो मुकाबला दिलचस्प होने के साथ पारिवारिक खटास और बढ़ने के आसार हैं। जहां तक दोनों की राजनीतिक सक्रियता का सवाल है, अमीता सिंह अमेठी से तीन बार विधायक रह चुकी हैं।
एक बार मंत्री और जिला पंचायत अध्यक्ष भी रहीं। गरिमा सिंह राजभवन तक ही सीमित रहीं हैं। सियासत में दाखिले के बाद उनका क्षेत्र भ्रमण जाहिर तौर पर जनता में कौतूहल का विषय बनेगा। साथ ही अनंत विक्रम सिंह को जनता की सहानुभूति का भी भरोसा है।
नहीं भेजा कोई प्रस्ताव: जिलाध्यक्ष
भाजपा जिलाध्यक्ष उमाशंकर पांडेय ने बताया कि पार्टी ने अभी प्रत्याशी के नाम का प्रस्ताव नहीं मांगा है। जब ऐसा कोई निर्देश मिलेगा तब दावेदारों के प्रस्ताव भेजे जाएंगे।