सुल्तानपुर। कमला नेहरू संस्थान के आंबेडकर हाॅल में मंगलवार को युवाओं की आंतरिक बौद्धिक क्षमता के विकास विषय पर कार्यशाला हुई। राजनीति विज्ञान विभाग की ओर से आयोजित कार्यशाला में चिन्मय मिशन गाजियाबाद केंद्र की प्रमुख आचार्या प्रणति चैतन्य ने विद्यार्थियों को जीवन में विवेक और सजगता का महत्व बताया।
उन्होंने कठोपनिषद के रथ रूपक का उदाहरण देते हुए कहा कि शरीर रथ, इंद्रियां घोड़े, मन उनकी गति और विवेक-बुद्धि लगाम के समान है। मन भूत और भविष्य में उलझकर वर्तमान की क्षमता को प्रभावित करता है। इससे बचने के लिए शांत मन से वर्तमान कार्यों के प्रति सजग रहना जरूरी है। कार्यशाला में विद्यार्थियों ने संवाद के दौरान सवाल पूछे।
इस मौके पर विकास सिंह, आयुष श्रीवास्तव, राहुल कुमार, मान्या अग्रहरि, अदिति और आदित्य कुमार ने सहभागिता की। डॉ. अनुराग पांडेय व वंदना सिंह ने अतिथि का स्वागत किया। अंत में प्राचार्य प्रो. सुनील कुमार सिंह ने आभार जताया।