कूरेभार में संपर्क मार्ग बनाते श्रमिक। संवाद
- फोटो : कूरेभार में संपर्क मार्ग बनाते श्रमिक। संवाद
सुल्तानपुर। जिले के गांवों में अब खड़ंजा, इंटरलॉकिंग, नाली निर्माण, तालाब खोदाई सहित अन्य कच्चे व पक्के कार्य तेजी से हो सकेंगे। वीबीजी रामजी योजना में अब सामग्री व मजदूरी के उधारी का चक्कर नहीं होगा। काम करते ही तुरंत दुकानदारों व श्रमिकों का भुगतान हो जाएगा।
जुलाई से मनरेगा के बदले लागू वीबीजी रामजी योजना में शासन ने नई शुरुआत कर दी है। योजना के तहत शासन ने मजदूरी मद में 41 करोड़ रुपये और सामग्री मद में 11 करोड़ रुपये आवंटित किया है। साथ ही करीब चार करोड़ रुपये प्रशासनिक मद में जारी किया गया है। प्रशासनिक मद की राशि से कार्मिकों के मानदेय भुगतान सहित कार्यालय के कार्य आसानी से हो सकेंगे।
शासन की ओर तीनों मदों में धनराशि जारी होते ही मजदूरों व कार्यों की संख्या बढ़ने लगी है। मंगलवार को कुल 979 ग्राम पंचायतों को मिलाकर 1255 कार्य वीबीजी रामजी योजना के आंकड़े में दर्ज हैं। इन कार्यों में 17,521 श्रमिक कार्य कर रहे हैं। धनराशि मिलने पर विकास विभाग ने खंड विकास अधिकारियों सहित पंचायत सचिवों व प्रधानों को तुरंत मजदूरी व सामग्री का भुगतान कराने के निर्देश दिए हैं।
विकास विभाग के अधिकारियों को उम्मीद है कि मजदूरी का जल्द भुगतान होने से श्रमिक योजना का काम करने के लिए आसानी से मिल जाएंगे। योजना के जिला उपायुक्त अजीत कुमार सिंह ने बताया कि योजना के खाते में धनराशि आ गई है। भुगतान लटकाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।