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66 चौकियों पर तैनात रहेगी रेस्क्यू टीम

Tue, 04 Jul 2017 10:08 PM IST
Amarujala Bureau
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48 नाव बेड़े में शामिल - फोटो : अमर उजाला
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बाढ़ से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने बाढ़ प्रबंधन योजना तैयार की है। गोमती नदी के जल स्तर में वृद्धि होने की आशंका को लेकर प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों को चिह्नित करते हुए 66 बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। जिला स्तरीय कंट्रोल रूम भी बनाया गया है। 48 नावों की व्यवस्था प्रशासन स्तर पर की गई है। इसमें दो सरकारी व बाकी 46 निजी स्तर पर की गई है। जिला प्रशासन की ओर से रेस्क्यू टीम बनाई गई है।       
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जिला प्रशासन की ओर से इस बार भी बाढ़ प्रबंधन की व्यवस्था पूरी कर ली गई है। गोमती नदी का जल स्तर वर्ष 2008 में मानसून के दौरान 85.5 मीटर तक पहुंच गया था। जल स्तर बढने से उस समय कई गावों में पानी घुस गया था। करीब 834 हेक्टेयर क्षेत्रफल का भू-भाग जलमग्न हो गया था। जल स्तर बढने से करीब 16 लाख रुपये का नुकसान आंका गया था। इस बार भी पिछली बार गोमती नदी के बढ़े हुए जल स्तर को देखते हुए प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रबंधन एवं न्यूनीकरण योजना तैयार कर ली गई है। आमतौर पर 80 मीटर से अधिक जल स्तर बढने पर नदी से सटे क्षेत्रों में पानी भर जाता है।

बाढ़ आने की दशा में गोमती नदी से सटे करीब 250 गांव प्रभावित हो जाते है। पुरानी बाढ़ को देखते हुए बाढ़ प्रबंधन की योजना जिला प्रशासन की ओर से तैयार कर ली गई है। जिला प्रशासन की ओर से बल्दीराय, सदर तहसील क्षेत्र समेत अन्य स्थानों पर नदी से सटे गांवों को शामिल किया गया है। बाढ़ से निपटने के लिए अलग-अलग स्थानों पर निगरानी व सहायता के लिए जिला प्रशासन ने 66 बाढ़ चौकी बनाई है।
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इसमें राजस्व, पशु चिकित्सा विभाग, सिंचाई विभाग के कर्मचारियों को लगाया गया है। गोमती नदी का जल स्तर बढने की दशा में जिला प्रशासन की ओर से दो राजकीय नाव के अतिरिक्त 46 नाव की व्यवस्था व्यक्तिगत स्तर पर की गई है। तीन राजकीय मोटरवोट व पीएसी की ओर से 15 नावों की व्यवस्था की जाएगी। जिला मुख्यालय पर बाढ़ को लेकर कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है। इसके अलग-अलग नंबर भी निर्धारित किए गए हैं।
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