सूबे की सपा सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट लखनऊ-बलिया एक्सप्रेस जिले से ही होकर गुजरेगा। जिले में करीब 90 किलोमीटर एक्सप्रेस वे का हिस्सा पड़ेगा। राजधानी लखनऊ से निकलकर यह सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के संसदीय क्षेत्र आजमगढ़ को जोड़ते हुए पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चंद्रशेखर की जन्मस्थली बलिया को जोड़ेगा। छह लेन के प्रस्तावित मार्ग की जल्द ही कैबिनेट की मंजूरी मिलने के आसार हैं। फिलहाल कार्य पाई संस्था ने मैप का कार्य तकरीबन पूरा कर लिया है।
सूबे की सपा सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट लखनऊ-बलिया एक्सप्रेस वे जिले से होकर गुजरेगा। राजधानी लखनऊ से निकलकर बाराबंकी जनपद होते हुए यह अमेठी जनपद के बाद सुल्तानपुर जिले के बल्दीराय विकास खंड क्षेत्र में प्रवेश करेगा। बल्दीराय, धनपतगंज, कूरेभार, जयसिंहपुर, दोस्तपुर व अखंडनगर ब्लॉक क्षेत्र से होते हुए यह अंबेडकरनगर जनपद की सीमा से होते हुए सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के संसदीय क्षेत्र आजमगढ़ में प्रवेश करेगा। करीब 430 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेस वे आजमगढ़ से मऊ, गाजीपुर होते हुए पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चंद्रशेखर की जन्मस्थली बलिया को जोड़ते हुए भरौली तक जाएगा। छह लेन का यह एक्सप्रेस भरौली तक पहुंचकर बिहार की सीमा को जोड़ेगा। आधिकारिक सूत्रों की मानें तो जिले में एक्सप्रेस वे का हिस्सा करीब 90 किलोमीटर पड़ेगा। यह एक्सप्रेस वे जिले के पश्चिमी छोर से सीधे पूर्वी छोर तक निकलेगा। सूबे की अखिलेश सरकार ने अपने इस ड्रीम प्रोजेक्ट का नाम पूर्वांचल (लखनऊ से भरौली प्रवेश नियंत्रित 06 लेन) एक्सप्रेस वे परियोजना दिया है।
एक्सप्रेस का कार्य जल्द शुरू कराने एवं जल्दी ही पूरा कराने के लिए सरकार ने कार्यदायी संस्था आईआईडीसी को मैप का कार्य सौंप दिया है। पिछले वर्ष नवबंर में यूपीडा (उप्र एक्सप्रेस वेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी नवनीत सहगल ने एक्सप्रेस वे के क्षेत्र का निर्धारण करते हुए मैप बनाने के लिए डीएम से रिपोर्ट मांगी थी। डीएम एस राजलिंगम के निर्देश पर मुख्य राजस्व अधिकारी इंद्रासन सिंह यादव ने यूपीडा को रिपोर्ट भेज दी है। मैप का कार्य पूरा हो चुका है। इसकी जल्द ही कैबिनेट से मंजूरी मिलने के आसार हैं। मंजूरी मिलते ही कार्य शुरू होगा।