सुल्तानपुर। विभागीय लापरवाही का खामियाजा वर्ष 2012-13 में आए 538 शिक्षकों को भुगतना पड़ेगा। जिले में प्राथमिक के हेडमास्टर का रिक्त पद शून्य होने के बाद भी अंतर्जनपदीय ट्रांसफर की वेबसाइट पर 265 पद खाली शो कर रहे हैं। बाहरी जनपदों से आकर इन पदों पर हेडमास्टरों के ज्वॉइन कर लेने के बाद वर्षों से काम कर रहे अंतर्जनपदीय शिक्षकों को प्रमोशन के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा।
वर्ष 2012-13 में अलग-अलग जनपदों से 606 सहायक अध्यापक जिले में तबादला लेकर आए थे। इनमें से 68 शिक्षिकाओं का ही प्रमोशन अभी तक हो पाया है। 538 शिक्षक अभी भी पद रिक्त होने का इंतजार कर रहे हैं। दूसरी ओर जिले के प्राथमिक विद्यालयों में हेडमास्टर का पद खाली नहीं होने के बाद भी अंतर्जनपदीय ट्रांसफर वाली वेबसाइट पर 265 पद रिक्त शो कर रहे हैं।
ऐसे में अन्य जनपदों से रिक्त पद के सापेक्ष अध्यापकों का आना तय हैं। अध्यापकों के आने पर अधिसंख्य पदों पर ज्वॉइनिंग कारान विभाग की मजबूरी हो जाएगी। इसके पहले वर्ष 2016 में भी रिक्त पद नहीं होने के बाद भी अलग-अलग जनपदों से ट्रांसफर लेकर आए लगभग 600 प्राथमिक के हेडमास्टर व जूनियर के सहायक के रूप में काम कर रहे हैं। इस बार भी 265 रिक्त पद ऑनलाइन शो कर रहे हैं। यदि अंतर्जनपदीय शिक्षक इन पदों पर आ गए तो वर्ष 2013 के 538 शिक्षक प्रमोशन को तरस जाएंगे।
अंतर्जनपदीय ट्रांसफर के जरिए जिले में वर्ष 2012 में जॉइन करने वाले डॉ. एचबी सिंह कहते हैं कि वर्षों से हम लोग अपने जूनियर के अधीन काम कर रहे हैं। हमारे बाद विभाग में नियुक्त शिक्षक हमारे हेडमास्टर बने हैं। हमलोगों का हक मारा जा रहा है।
विभागीय लापरवाही का खामियाजा हमलोगों को भुगतना पड़ रहा है। अंतर्जनपदीय शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष डॉ. अंबिकेश प्रताप सिंह कहते हैं कि शून्य पद के सापेक्ष 265 पद रिक्त शो हो रहे हैं। पत्राचार के बाद भी त्रुटि सुधार नहीं होने से शिक्षकों में कुंठा है। इन पदों पर शिक्षकों के ज्वॉइन कर लेने के बाद कई वर्षों तक पदोन्नति का रास्ता बंद हो जाएगा।
जिले के प्राथमिक विद्यालयों में हेडमास्टर के 245 अनुमन्य पदों के सापेक्ष 1617 लोग काम कर रहे हैं। इस प्रकार 1372 लोग प्राथमिक विद्यालयों में अधिक हैं। वहीं, इसी संवर्ग के जूनियर हाईस्कूलों में सहायक अध्यापकों के अनुमन्य 2297 के सापेक्ष 1763 काम कर रहे हैं। इस हिसाब से 534 पद जूनियर हाईस्कूलों में रिक्त हैं।
1372 प्राथमिक के हेडमास्टरों को जूनियर के 534 पदों से समायोजित करने के बाद भी 838 शिक्षक जिले में अतिरिक्त काम कर रहे हैं। 27 दिसंबर 2019 को तत्कालीन बीएसए संतोष सक्सेना ने इस आशय का पत्र बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव को भेजते हुए प्राथमिक के हेडमास्टर व जूनियर के सहायक का पद शून्य करते हुए वेबसाइट पर अपलोड करने की मांग की थी। इसके बावजूद त्रुटि में सुधार नहीं हुआ है।