सुल्तानपुर। कादीपुर सुरक्षित विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर दूसरी बार विधानसभा पहुंचे राजेश गौतम जिले के सबसे युवा विधायक हैं। पूर्व मंत्री स्व. जयराज गौतम के पुत्र 40 वर्षीय राजेश ने विधानसभा चुनाव में तीसरी बार तकदीर आजमाई थी। क्षेत्र के लोगों ने लगातार दूसरी बार उन्हें हाथों-हाथ लिया है। पहला चुनाव उन्होंने 2012 में कांग्रेस से लड़ा लेकिन तीसरे स्थान पर रहे। 2017 का चुनाव उन्होंने भाजपा के टिकट पर लड़ा, जिसमें उन्हें जीत हासिल हुई। इस चुनाव में भी वे जीत हासिल करने में कामयाब रहे।
राजेश ने मतों के मामले में तोड़ा पुराना रिकॉर्ड
कादीपुर सुरक्षित सीट से भाजपा प्रत्याशी राजेश गौतम ने जीत के साथ मत पाने के मामले में अपना पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। वर्ष 2017 में वे भाजपा प्रत्याशी के तौर पर राजेश गौतम को 87,353 वोट मिला था। इस चुनाव में उन्होंने 95,752 मत हासिल कर अपने पुराने रिकॉर्ड को तोड़ दिया। सपा से आमने-सामने की लड़ाई में इस बार उन्हें करीब साढ़े आठ हजार मत ज्यादा मिले।
सपा प्रत्याशी का नहीं टूटा मत का रिकॉर्ड
कादीपुर सुरक्षित सीट से वर्ष 2012 के चुनाव में सपा के टिकट पर विजयी हुए रामचंद्र चौधरी के मत पाने का रिकॉर्ड अभी तक कोई प्रत्याशी तोड़ नहीं पाया है। तब रामचंद्र चौधरी को 97,283 मत मिले थे। इस बार भाजपा प्रत्याशी राजेश गौतम का मत जरूर बढ़ा लेकिन वे रामचंद्र चौधरी के मत पाने का रिकॉर्ड तोड़ नहीं पाए।
दूसरी बार विधायक बने सीताराम वर्मा
सबसे बुजुर्ग विधायकों में भाजपा के सीताराम वर्मा शामिल हैं। पूर्व में जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुके सीताराम वर्मा 2017 के चुनाव में भाजपा के टिकट से सदर विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए थे। इस बार भाजपा ने उन्हें लंभुआ विधानसभा सीट से प्रत्याशी बनाया था। वे दोबारा विधायक बनने में कामयाब हुए। 71 वर्षीय सीताराम वर्मा पूर्व में सरकारी सेवा में रहे। कोऑपरेटिव अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त होने के बाद वे राजनीति में उतरे थे।