शासन से आईएएस अधिकारियों के हुए बड़े फेरबदल में बदले गए अमेठी के डीएम जगतराज त्रिपाठी अपने कार्यों को लेकर हमेशा चर्चा में रहे। तीन वर्ष से अधिक कार्यकाल के दौरान उन पर कभी सत्तापक्ष के करीबी होने का आरोप लगा तो कभी चुनावों में गड़बड़ी का। उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को पटरी पर लाने का कार्य किया। उनके ताबड़तोड़ निरीक्षण का असर रहा कि अध्यापक और चिकित्सक ड्यूटी को लेकर मुस्तैद हो गए।
11 फरवरी वर्ष 2013 में अमेठी के डीएम बनाए गए जगतराज त्रिपाठी अपने कार्यकाल के दौरान हमेशा चर्चा में रहे। प्राथमिक विद्यालयों एवं स्वास्थ्य सेवाओं के ताबड़तोड़ निरीक्षण को लेकर उनकी प्रशंसा हुई। उनके निरीक्षण का असर ही रहा कि शिक्षक और चिकित्सक अपनी ड्यूटी को लेकर संजीदा हुए।
बीच-बीच में उन पर सत्ता के दबाव में काम करने के आरोप भी लगे। पंचायत चुनाव में उन पर सत्ता के इशारे पर गड़बड़ी करवाने के आरोप लगे। इसके बाद भी अमेठी में जमे रहे। सभी दलों के लोगों से अच्छे व्यवहार की वजह से कुछ खास मौकों को छोड़ उनका कोई बड़ा विरोध नहीं हुआ। उनके तबादले के पीछे प्रशिक्षण की वजह बताई जा रही है। उन्हें सात सप्ताह के प्रशिक्षण पर जाना है।