सेमरी बाजार। किसानों ने जयसिंहपुर के रैदहा ताल के संरक्षण के लिए शनिवार को आवाज उठाई। रामनाथपुर गांव के पास अंडरपास के नीचे किसान अधिकार सभा का आयोजन कर ''रैदहा ताल को ताल ही रहने दो'' का नारा बुलंद किया।
किसानों का कहना है कि एक्सप्रेसवे के निर्माण से ताल दो हिस्सों में बंट गया है। जिससे बारिश का पानी एक तरफ ठहर जाता है। इसका असर खेती पर पड़ रहा है। किसानों की सैकड़ों बीघा फसल बर्बाद हो रही है।
समाजसेवी सौरभ मिश्रा ने कहा कि रैदहा ताल प्राकृतिक धरोहर है। यहां कमल खिलता है और सारस जैसे दुर्लभ पक्षियों का बसेरा होता है। समाजसेवी मनोज विश्वकर्मा ने कहा कि विधायक, सांसद और अधिकारियों से कई बार शिकायत की गई, लेकिन किसी ने इस तरफ ध्यान नहीं दिया।
इस दौरान ग्राम प्रधान दिलीप सिंह, शनि मिश्रा, आनंद मिश्र, रामचंद्र, गंगाराम, चंद्रभान उपाध्याय, कमल निषाद, कोमल, रागिनी, सुमित्रा देवी, आशा देवी समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने ताल संरक्षण की शपथ ली।