द्वारिकागंज (सुल्तानपुर)। गन्ने के अभाव में बुधवार रात करीब दो बजे बंद हुई चीनी मिल शुक्रवार सुबह आठ बजे चालू कर दिया गया। गन्ना पेराई शुरू होने पर मिल प्रबंधन को राहत मिली। गन्ने के अभाव में चीनी मिल का संचालन 30 घंटे तक रही और मिल प्रबंधन गन्ने के अभाव को लेकर हलकान रहा।
पर्याप्त मात्रा में गन्ना पहुंचने पर पेराई शुरू कर दी गई। जनवरी में मिल पर गन्ने की आवक कम देखते हुए मिल प्रशासन करीब 30 घंटे तक परेशान रहा। चीनी मिल के मुख्य गन्ना अधिकारी वेदप्रकाश शुक्ल गन्ना सुपरवाइजरों से संपर्क कर क्षेत्र में गन्ने की स्थिति की जानकारी लेते रहे। किसान सहकारी चीनी मिल के चार गन्ना क्रय केंद्रों को शासन ने बीते नवंबर में पड़ोसी जिले की चीनी मिलों को आवंटित कर दिया था। इन चारों गन्ना क्रय केंद्रों के चीनी मिल से बाहर होने से मिल क्षेत्र का रकबा कम हो गया।
इससे चीनी मिल के संचालन पर प्रभाव पड़ा। किसान सहकारी चीनी मिल की एक दिन की पेराई क्षमता साढ़े 12 हजार क्विंटल की है। रकबा कम होने से चीनी मिल के संचालन में गन्ने की कमी का असर साफ तौर पर दिख रहा है। मिल प्रबंधक राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि पेराई शुरू हो गई है।