सुल्तानपुर। महाकुंभ मेले में मोती की माला की आपूर्ति के नाम पर बड़ी संख्या में महिलाओं को ठग कर चंपत होने वाले आरोपी 14 दिन बाद भी पुलिस पकड़ से दूर हैं। सैफुल्लागंज बाजार व आसपास के क्षेत्रों की महिलाएं बृहस्पतिवार को एसपी कार्यालय पहुंची थीं। अपर पुलिस अधीक्षक के आश्वासन के बाद महिलाएं लाैटी थीं।
इस घटना के पहले अयोध्या-प्रयागराज राजमार्ग पर योगीवीर के निकट एक मैरिज लॉन में स्किल स्कैन इडटेक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड का दफ्तर खुला था। वहां पर भदैंया, लंभुआ व प्रतापपुर कमैचा ब्लॉक की रहने वाली महिलाओं ने भी कंपनी में निवेश किया था। महिलाओं ने बताया कि योगीवीर में खुले ऑफिस का मैनेजर राजीव सिंह था। खुद को कंपनी का मुखिया बताता था। पैसा कमाने का लालच देकर मोती बनाने के काम का झांसा देता था। इसके एवज में महिलाओं से 3100 रुपये फीस जमा करवाता था। कहता था कि काम करके दो, वेतन खाते में भेज दूंंगा। आरोपी ने महिलाओं को जनवरी में निश्चित उपहार देने का वादा किया था। उससे पहले ही कंपनी फरार हो गई। ठगी में कंपनी का कर्मचारी विकास वर्मा भी शामिल था।
पीड़िता खुशबू सिंह व अन्य महिलाओं की तहरीर पर चार जनवरी को कोतवाली देहात थाने में आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। सैफुल्लागंज, योगीवीर के अलावा कंपनी का ऑफिस इस्लामगंंज कस्बे में भी खुला था। वहां बंधुआकलां, अलीगंज समेत आसपास के क्षेत्र की कई महिलाएं ठगी का शिकार हुई हैं। अपर पुलिस अधीक्षक अखंड प्रताप सिंह ने बताया कि पुलिस आरोपियों के बेहद करीब है। जल्द ही उन्हें पकड़ लिया जाएगा।