सुल्तानपुर। 11 वर्ष पूर्व युवक की हत्या कर सबूत मिटाने के लिए लाश कुएं में फेंकने के मामले में बृहस्पतिवार को जिला जज संतोष राय ने दो अभियुक्तों को दोषी करार दिया है। जिला जज ने दोनों को आजीवन कारावास व प्रत्येक को 65 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
हलियापुर थाने के फत्तेपुर गांव निवासी हनुमान प्रसाद (26) को गांव के ही राम प्रकाश उर्फ बुद्धू, राजकुमार व भग्गू 14 नवंबर 2009 को पत्नी का समझौता कराने के लिए फोन करके बुलाया था। हनुमान प्रसाद अपनी मां बुधना को बताकर घर से गया था, लेकिन रात में घर वापस नहीं लौटा। 17 नवंबर 2009 को हनुमान प्रसाद की लाश गांव निवासी सुरेंद्र के कुएं में पाई गई थी। पुलिस ने मृतक की मां बुधना की तहरीर पर हत्या व सबूत मिटाने के अभियोग में मुकदमा दर्ज किया था। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे डीजीसी क्रिमिनल तारकेश्वर सिंह व एडीजीसी वेदप्रकाश ने घटना को साबित करने के लिए सात गवाहों को कोर्ट में पेश किया। बृहस्पतिवार को जिला जज संतोष राय ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अभियुक्तों राम प्रकाश उर्फ बुद्धू व राजकुमार को अवैध हथियार से हत्या कर सबूत मिटाने का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाकर जेल भेजने का आदेश दिया। कोर्ट ने आरोपी भग्गू को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है। अदालत ने जुर्माना की 90 फीसदी धनराशि मृतक की मां बुधना को देने का आदेश दिया है।